डीग, 23 जनवरी। बसंत पंचमी की दिव्यता और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की शौर्य गाथाओं के बीच आज डीग की धरा पर शिक्षा की एक नई अलख जगाई गई। 'दूरी अब शिक्षा में बाधा नहीं बनेगी' के संकल्प के साथ डीग-कुम्हेर विधायक डॉ. शैलेश सिंह ने छात्राओं के हाथों में जब साइकिलों की चाबियां थमाईं, तो उनके चेहरों पर खिलने वाली मुस्कान ने एक नए स्वर्णिम युग का आह्वान कर दिया। शहर के किशनलाल जोशी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित इस गरिमामय समारोह ने न केवल सरकारी योजनाओं की पहुंच को दर्शाया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि अब राजस्थान की बेटियां मीलों का सफर तय कर अपने सपनों को हकीकत में बदलेंगी।

समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. शैलेश सिंह ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए भावुक स्वर में कहा कि यह साइकिल वितरण मात्र एक सरकारी औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह नारी शक्ति के सशक्तिकरण का वह माध्यम है जो उन्हें घर की दहलीज से निकालकर सफलता के शिखर तक ले जाएगा। उन्होंने अतीत की विडंबनाओं का जिक्र करते हुए चिंता जताई कि कैसे लंबी दूरी की वजह से कई मेधावी बेटियों को बीच में ही अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ती थी, लेकिन अब यह दूरी उनके हौसलों को नहीं डिगा सकेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को रेखांकित करते हुए विधायक ने कहा कि एक विकसित भारत की नींव नारी शक्ति के कंधों पर ही टिकी है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों का बखान करते हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' का विशेष उल्लेख किया, जिसमें भारतीय सेना की महिला अधिकारियों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए सीमाओं की रक्षा की। डॉ. सिंह ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि उज्ज्वला योजना से धुएं से मुक्ति और स्वच्छ भारत मिशन से मिलने वाले सम्मान ने ग्रामीण परिवेश की महिलाओं का जीवन बदला है, और अब विधानसभा व लोकसभा में आरक्षण की व्यवस्था उन्हें देश के नेतृत्व के लिए तैयार कर रही है।

विकास की निरंतरता पर चर्चा करते हुए विधायक ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार प्रकट किया और क्षेत्र में हो रहे बुनियादी सुधारों जैसे डीग बाईपास, जिला अस्पताल और कुम्हेर उप-जिला अस्पताल के निर्माण को मील का पत्थर बताया। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों के भ्रष्टाचार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि 2014 के बाद देश ने घोटालों के दौर को पीछे छोड़कर विश्व पटल पर अपनी नई पहचान बनाई है। उन्होंने छात्राओं को विश्वास दिलाया कि 28 जनवरी से शुरू होने वाले विधानसभा बजट सत्र में डीग-कुम्हेर क्षेत्र के लिए और भी बड़ी सौगातों का पिटारा खुलेगा।

कार्यक्रम के दौरान मंच पर स्थानीय गरिमा और अनुशासन का संगम देखने को मिला। इस अवसर पर ललित तिवारी, राकेश गिरसे, राजेंद्र खंडेलवाल, प्रीति गर्ग, भावना गधी, गिरीश शर्मा, राहुल लवानिया और पवन खंडेलवाल जैसे गणमान्य जनप्रतिनिधियों एवं शिक्षकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम का कुशल संचालन उमेश प्रजापति द्वारा किया गया। जैसे-जैसे साइकिलों का वितरण हुआ, विद्यालय परिसर छात्राओं के उत्साह और उमंग से गूंज उठा। यह समारोह केवल एक आयोजन नहीं था, बल्कि डीग की बेटियों के लिए वह मील का पत्थर था, जहाँ से वे एक विकसित और समृद्ध भविष्य की ओर अपने कदम बढ़ा रही हैं।

Pooran Prakash Bansal, Deeg

Pooran Prakash Bansal, Deeg

नाम: पूरण प्रकाश बंसल

पद: पत्रकार (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य

परिचय 

पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।

पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)

पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:

  • दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।

  • राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।

  • प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।

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