डीग में कांग्रेस का हल्लाबोल: 'मनरेगा बचाओ संग्राम' के तहत गांवों में चौपाल, मोदी सरकार पर अधिकार छीनने का आरोप
डीग में जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव सिंह के नेतृत्व में 'मनरेगा बचाओ संग्राम' के तहत नगला चक मीणा और रीठौटी में चौपाल आयोजित की गई। कांग्रेस ने मोदी सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने और महात्मा गांधी का नाम हटाने का आरोप लगाते हुए ₹400 मजदूरी की मांग की। जानें पूरी खबर और उपस्थित नेताओं के नाम।

डीग | 14 जनवरी राजस्थान के डीग जिले में आज 'मनरेगा बचाओ संग्राम' की गूँज सुनाई दी। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर, जिला कांग्रेस कमेटी डीग के अध्यक्ष राजीव सिंह के नेतृत्व में केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया गया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ग्राम पंचायतों के सुदूर ढाणियों तक पहुँचकर केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा के स्वरूप में किए जा रहे बदलावों और 'महात्मा गांधी' का नाम हटाए जाने के विरुद्ध जनसंपर्क अभियान और चौपाल कार्यक्रमों का आयोजन किया।
इस अभियान के तहत आज ग्राम पंचायत पला के नगला चक मीणा और ग्राम पंचायत रीठौटी में विशाल चौपालें आयोजित की गईं। ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मनरेगा जैसा संवैधानिक अधिकार, जो ग्रामीण भारत की रीढ़ है, उसे मोदी सरकार सोची-समझी साजिश के तहत खत्म कर रही है। नेताओं ने चेतावनी दी कि नए नियमों के कारण अब फसल कटाई के पीक सीजन में मजदूरों को काम नहीं मिल सकेगा। साथ ही, अब काम का चयन मजदूरों की जरूरत के बजाय सरकार द्वारा चुने गए चुनिंदा गांवों और पसंदीदा ठेकेदारों की मनमर्जी पर निर्भर करेगा।
चौपाल में मुख्य रूप से मनरेगा में किए गए बदलावों को तत्काल वापस लेने, ₹400 की न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित करने, काम और जवाबदेही की गारंटी देने जैसी माँगें पुरजोर तरीके से उठाई गईं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बताया कि पहले केंद्र सरकार 100% भुगतान वहन करती थी, जिससे राज्य सरकारों पर बोझ नहीं पड़ता था, लेकिन अब आर्थिक बोझ राज्यों पर डालकर इस योजना को पंगु बनाने की तैयारी है। अब मैट और रोजगार सहायकों की भूमिका को भी हाशिए पर धकेला जा रहा है।
इस विरोध प्रदर्शन और जनसंपर्क कार्यक्रम में कांग्रेस के समर्पित कार्यकर्ताओं की भारी उपस्थिति रही, जिनमें मुख्य रूप से प्रेम सिंह प्रजापत (महामंत्री, पर्यावरण प्रकोष्ठ), नंदकिशोर (नंदू) सिनसिनवार बैलारा, कुंवर गोरधन सिंह रिठौटी, कुमर सिंह डीलर, जगदीश कुंतल, राजेश (अध्यक्ष, कच्ची बस्ती प्रकोष्ठ), और अनुराग पला शामिल थे। साथ ही पूरन सिंह सरपंच, रघुवीर सिंह तमरेर, दिगम्बर सिंह पिचूमर, पूरन सिंह बघेल, लोटन सरपंच सेत, राजेश सुपवास, जगदीश गुनसारा, नरेंद्र, कलुआ, फूलसिंह, रमाकांत चक मीणा, शिवसिंह, राजकुमार पला, कलुआ नरेंद्रसिंह चक मीणा, श्रीचंद, प्रेमसिंह खेड़ा कारौली, राजेंद्र सिंह, और रेफती रणधीरपुरा सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे। यह आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार के खिलाफ बढ़ते आक्रोश और कांग्रेस के मजबूत होते जनसंपर्क का प्रतीक बनकर उभरा है।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
