ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा: डीग में एसपी कांबले शरण गोपीनाथ ने संभाली सुरक्षा
अधिक मास परिक्रमा मार्ग पर कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यातायात प्रबंधन और सहायता केंद्र सक्रिय।

डीग में अधिक मास के दौरान आयोजित ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं को फल वितरित करते जिला पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ और मुस्तैद पुलिसकर्मी। यात्रा मार्ग पर जाम और आपात स्थितियों से निपटने के लिए यातायात प्रबंधन सहित विशेष पुलिस सहायता केंद्रों को सक्रिय किया गया है।
अधिक मास के पावन अवसर पर ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा को लेकर डीग जिला पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। लाखों श्रद्धालुओं की अगाध आस्था के इस पावन सफर को सुरक्षित, सुगम और निर्बाध बनाने के लिए जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) कांबले शरण गोपीनाथ खुद परिक्रमा मार्ग पर उतरकर व्यवस्थाओं का कड़ा जायजा ले रहे हैं। इस समय डीग पुलिस सेवा और सुरक्षा, दोनों ही मोर्चों पर पूरी मुस्तैदी के साथ डटी हुई है।
सुरक्षा व्यवस्थाओं की कमान संभालते हुए एसपी कांबले शरण गोपीनाथ स्वयं परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं के बीच पहुंचे। उन्होंने न केवल सुरक्षा का निरीक्षण किया, बल्कि खुद अपने हाथों से श्रद्धालुओं को फल वितरित किए और यात्रियों से बातचीत कर उनकी कुशलक्षेम पूछी। इस दौरान पुलिस टीम द्वारा मार्ग में आने वाले बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखते हुए लगातार उनकी मदद की जा रही है।
परिक्रमा के आधिकारिक एवं कानूनी प्रबंधन को सुदृढ़ करते हुए राजस्थान क्षेत्र में पड़ने वाले समस्त परिक्रमा मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रमुख मंदिरों, पड़ाव स्थलों और अत्यधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन द्वारा विशेष यातायात प्रबंधन प्रणाली लागू की गई है, ताकि जाम की स्थिति उत्पन्न न हो और आवाजाही पूरी तरह सुचारू बनी रहे।
आधिकारिक जानकारी देते हुए एसपी कांबले शरण गोपीनाथ ने बताया कि पुलिस मुख्यालय सहित विभिन्न चिन्हित स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए भोजन और शुद्ध पेयजल की पुख्ता व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही रास्ता भटकने, तबीयत खराब होने या किसी भी प्रकार की आपात स्थिति उत्पन्न होने पर पुलिसकर्मी तत्काल सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। इसके लिए जगह-जगह विशेष सहायता केंद्र भी सक्रिय किए गए हैं। एसपी कांबले ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। डीग पुलिस सिर्फ कानून-व्यवस्था ही नहीं, बल्कि पूरी तरह सेवा भाव से काम कर रही है, और उनका प्रयास है कि हर श्रद्धालु सुरक्षित और सकुशल अपनी परिक्रमा पूरी करे।
ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा में डीग पुलिस का यह अभूतपूर्व सेवा भाव इस समय श्रद्धालुओं के बीच भारी चर्चा और प्रशंसा का विषय बना हुआ है। देश-दुनिया से आए यात्री पुलिस की इन बेहतरीन व्यवस्थाओं और मानवीय मदद की दिल से सराहना कर रहे हैं। इस महत्वपूर्ण निरीक्षण और सेवा अभियान के अवसर पर एडिशनल एसपी अखिलेश शर्मा, सीओ सीता राम बैरवा तथा पीएम श्री स्कूल के प्रधानाचार्य गंगाराम शर्मा सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी व जनसहयोगकर्ता मौके पर मौजूद रहे। डीग पुलिस का यह कदम धार्मिक यात्राओं में सुरक्षा और जनसेवा की एक नई मिसाल पेश कर रहा है।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
