हिंडोला महोत्सव में छंद-रसिया की गूंज, दोनों पार्टियों के बीच मुकाबला बराबरी पर
जनूथर के भूतेश्वर महादेव मंदिर में हिंडोला महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। छंद-रसिया प्रतियोगिता में दोनों पार्टियां संयुक्त विजेता रहीं।

तस्वीर में जनूथर के भूतेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित हिंडोला महोत्सव के दौरान मंच पर प्रस्तुति देते कलाकार और बैठे हुए श्रोता दिखाई दे रहे हैं।
जनूथर कस्बे के प्राचीन भूतेश्वर महादेव मंदिर में गुरुवार रात भक्ति, लोक संस्कृति और रसिया गायन का अद्भुत संगम देखने को मिला। चार दिवसीय हिंडोला महोत्सव के भव्य शुभारंभ पर छंद-रसियों की मधुर तान और भोलेनाथ की मनमोहक झांकियों ने ऐसा माहौल बनाया कि देर रात से भोर तक श्रद्धालु और श्रोता कार्यक्रम स्थल पर डटे रहे।
महोत्सव के दौरान मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया। दर्शनार्थियों ने भगवान भोलेनाथ की भव्य झांकियों के दर्शन किए। मंच से जैसे ही हाथरसी छंद-रसियों की शुरुआत हुई, पूरा परिसर तालियों और वाहवाही से गूंज उठा। आसपास के गांवों और कस्बे से बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने देर रात तक लोक संस्कृति से जुड़ी इस अनूठी प्रस्तुति का आनंद लिया।
छंद-रसिया प्रतियोगिता में मुकेश शर्मा एंड पार्टी, हाथरस तथा शंभू वागड़े एंड पार्टी, राया उत्तर प्रदेश के बीच जोरदार मुकाबला हुआ। दोनों दलों ने अपनी गायन शैली, संवाद अदायगी और लोक कथाओं की प्रस्तुति से दर्शकों को बांधे रखा। फिल्मी धुनों के बीच कलाकारों ने रामायण, महाभारत और विभिन्न लोककथाओं के प्रसंगों को छंद-रसिया के माध्यम से प्रस्तुत किया। श्रोता पूरी रात मंत्रमुग्ध होकर प्रस्तुतियां सुनते रहे और कलाकारों का तालियों से उत्साहवर्धन करते नजर आए। कई मौकों पर श्रोता भाव-विभोर होकर हाथरसी छंद-रसियों की सराहना करते दिखे।
प्रतियोगिता में दोनों रसिया पार्टियों के बीच मुकाबला इतना कड़ा रहा कि आयोजकों ने दोनों दलों को समान रूप से विजेता घोषित किया। दोनों विजेता पार्टियों को पुरस्कार स्वरूप नगद राशि भेंट की गई। संयुक्त विजेता घोषित होने पर कलाकारों और उनके समर्थकों में खुशी का माहौल दिखाई दिया।
आयोजकों के अनुसार चार दिवसीय हिंडोला महोत्सव 27 अगस्त से प्रारंभ होकर 31 अगस्त की प्रातः तक चलेगा। महोत्सव के दौरान धार्मिक कार्यक्रमों के साथ लोक संस्कृति एवं पारंपरिक छंद-रसिया गायन के आयोजन श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। आयोजकों ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर महोत्सव में भाग लेने की अपील की है।
कार्यक्रम का संचालन वीरी एवं परभाती सिंह अध्यापक ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर मंदिर विकास समिति से जुड़े परभाती सिंह, वीरी सिंह, रोहिताश, राजेश ठेकेदार, मुकेश चौधरी, सुगन पाराशर, निनी पहलवान, नटवर, रोहिताश उपमन, ध्रुव सिंह, सतवीर सिंह, होती सैनी, चेतराम, शिवराम सैन, नरसिंह, विजय सिंह, मोनू सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग मौजूद थे।

Pooran Prakash Bansal, Deeg
नाम: पूरण प्रकाश बंसल
पद: पत्रकार (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: डीग जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जिला समाचार, क्राइम (अपराध), प्रशासन, और स्वास्थ्य
परिचय
पूरण प्रकाश बंसल राजस्थान के डीग जिले के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में एक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पूरण जी डीग जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों से जिला स्तरीय समाचार, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य व्यवस्था और आपराधिक मामलों (क्राइम) की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाना और खबरों को पूरी प्रामाणिकता के साथ पेश करना उनकी पत्रकारिता की पहचान है।
पत्रकारिता का लंबा अनुभव (Work Experience)
पूरण प्रकाश बंसल जी को मीडिया इंडस्ट्री में दो दशकों से भी अधिक (साल 2004 से) का एक व्यापक और समृद्ध अनुभव है। अपने इस लंबे सफर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े समाचार पत्रों के साथ काम किया है:
- दैनिक जागरण: पत्रकारिता क्षेत्र में लंबा और जमीनी अनुभव।
- राजदूत: वरिष्ठ स्तर पर समाचार कवरेज का अनुभव।
- प्रातः काल: साल 2022 से लगातार 'प्रातः काल' के साथ जुड़कर डीग जिले की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (10वीं पास) पूरी की है। साल 2004 से लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण डीग जिले की भौगोलिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव किसी भी बड़ी डिग्री से कहीं अधिक मजबूत है।
