बयाना में करौली एसीबी ने महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए पटवारी अखिलेश कुमार को जमीन के नामांतरण खोलने के बदले 5,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। जाल पुलिस निरीक्षक जगदीश भारतद्वाज के नेतृत्व में बिछाया गया। गिरफ्तारी के बाद एसीबी ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की और क्षेत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा संदेश गया।

बयाना क्षेत्र में सोमवार को करौली एसीबी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ी सफलता दर्ज की, जब टीम ने पटवारी अखिलेश कुमार को 5,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए उसके निजी पटवार निवास से रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई ने न केवल स्थानीय प्रशासन को हिलाकर रख दिया, बल्कि क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

मामला तब सामने आया जब राजस्व ग्राम नगला होता के परिवादी नरेश कुमार ने एसीबी फाउंडेशन से शिकायत की कि जमीन की विरासत का नामांतरण खोलने के बदले पटवारी द्वारा 5,000 रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही है। नरेश कुमार के अनुसार, उन्होंने अगस्त माह में नामांतरण के लिए आवेदन किया था, लेकिन कार्य को जानबूझकर लंबित रखते हुए रिश्वत देने का दबाव बनाया जा रहा था। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसीबी फाउंडेशन ने मामला करौली एसीबी को सौंपा।

करौली एसीबी की टीम ने पुलिस निरीक्षक जगदीश भारतद्वाज के नेतृत्व में योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। बयाना पंचायत समिति के पास स्थित निजी पटवार निवास पर जब पटवारी अखिलेश कुमार रिश्वत की राशि स्वीकार कर रहा था, तभी उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद एसीबी टीम ने उसके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी और पूछताछ जारी है।

यह कार्रवाई बयाना क्षेत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखी जा रही है, जिसने आम लोगों में न्याय और पारदर्शिता की उम्मीद को और मजबूत किया है।

Updated On 8 Dec 2025 3:35 PM IST
Pratahkal Newsroom

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