तीन सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले 16 दिनों से मेला मैदान में धरने पर बैठी आशा सहयोगिनियों का आंदोलन सोमवार को उग्र हो गया। प्रशासन और राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं होने से नाराज आशा सहयोगिनियां दोपहर में सरकारी हॉस्पिटल के पीछे स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गईं। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया और अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर उन्हें समझाने का प्रयास शुरू किया।

दोपहर करीब 12 बजे 44 डिग्री की भीषण गर्मी के बीच आशा सहयोगिनियां पानी की टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन करने लगीं। उनका कहना था कि लगातार 16 दिनों से धरना देने के बावजूद अब तक न तो कोई प्रशासनिक अधिकारी और न ही राज्य सरकार का कोई प्रतिनिधि उनकी मांगों को सुनने पहुंचा है। इसी उपेक्षा के कारण उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा।

पानी की टंकी पर प्रदर्शन की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया। करीब 4:30 घंटे तक चले समझाइश के प्रयासों के बाद पीएमओ डॉ. जितेंद्र सिंह तथा अतिरिक्त सीएमएचओ डॉ. मानसिंह स्वयं टंकी पर पहुंचे। इस दौरान पानी की टंकी पर चढ़ी आशा सहयोगिनियों की गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह से वीडियो कॉलिंग के माध्यम से बातचीत कराई गई।

बातचीत के दौरान गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह ने आश्वासन दिया कि पांच आशा सहयोगिनियों की मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से जयपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास पर मुलाकात कराई जाएगी। मंत्री के इस आश्वासन के बाद लगभग 4:30 घंटे की मशक्कत के पश्चात आशा सहयोगिनियां पानी की टंकी से नीचे उतरने पर राजी हुईं।

लगातार 16 दिनों से जारी धरने के बाद आंदोलन के इस नए रूप ने प्रशासन और सरकार के सामने आशा सहयोगिनियों की मांगों को लेकर बढ़ते असंतोष को स्पष्ट कर दिया है। अब सभी की नजर मुख्यमंत्री से प्रस्तावित मुलाकात और उसके बाद होने वाले निर्णय पर टिकी हुई है।

Pratahkal Bureau

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