शहर में आशा सहयोगिनियों का आंदोलन अब उग्र होता नजर आ रहा है। तीन सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले 16 दिनों से मेला मैदान में धरने पर बैठी आशा सहयोगिनियों ने सोमवार को सरकारी अस्पताल के पीछे स्थित पानी की टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन किया। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया और अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे।

दोपहर करीब 12 बजे 44 डिग्री की भीषण गर्मी के बीच आशा सहयोगिनियां पानी की टंकी पर चढ़ गईं। प्रदर्शनकारी आशा सहयोगिनियों का कहना है कि लगातार 16 दिनों से भीषण गर्मी में धरना देने के बावजूद अब तक न तो कोई प्रशासनिक अधिकारी और न ही राज्य सरकार का कोई प्रतिनिधि उनकी तीन सूत्रीय मांगों को सुनने पहुंचा है। इसी कारण उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा।

सूचना मिलते ही उपखंड अधिकारी अमित मीणा, सीओ सीताराम बैरवा, कोतवाली थाना प्रभारी रामनरेश मीणा, सीएमएचओ डॉ. विजय सिंगल तथा डॉ. मानसिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आशा सहयोगिनियां अपनी मांगों पर अड़ी रहीं।

इसी दौरान पानी की टंकी के नीचे प्रदर्शन कर रही एक महिला अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी, जिसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

आंदोलनरत आशा सहयोगिनियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी तीन सूत्रीय मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे पानी की टंकी से नीचे नहीं उतरेंगी। समाचार लिखे जाने तक आशा सहयोगिनी टंकी से नीचे नहीं उतरी थी। वहीं प्रशासन लगातार प्रदर्शनकारी आशा सहयोगिनियों को मनाने के प्रयास में जुटा रहा। मौके पर सैकड़ों की संख्या में आशा सहयोगिनियां पानी की टंकी के नीचे धरने पर बैठी रहीं, जिससे पूरे क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

Pratahkal Bureau

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