दौसा। ग्रामीण विकास और किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में राजस्थान सरकार का 'ग्राम उत्थान' संकल्प शुक्रवार को दौसा की धरा पर धरातल पर उतरा। जिले के 11 गिरदावर सर्किलों में एक साथ आयोजित हुए इन शिविरों ने न केवल सरकारी योजनाओं और काश्तकारों के बीच की दूरी को मिटाया, बल्कि विकास की एक नई इबारत लिख दी। शुक्रवार की सुबह जब इन शिविरों का आगाज़ हुआ, तो मंजर किसी उत्सव से कम नहीं था, जहां अन्नदाता को जागरूक करने के साथ-साथ मौके पर ही उनके आवेदन तैयार कर उन्हें लाभ की मुख्यधारा से जोड़ा गया।

इस महाअभियान की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिला कलक्टर देवेन्द्र कुमार ने स्वयं बांदीकुई उपखंड के पीचूपाड़ा खुर्द ग्राम पंचायत पहुंचकर शिविर का औचक निरीक्षण किया। कलक्टर ने वहां मौजूद एक-एक स्टाल पर जाकर आमजन को दी जा रही सेवाओं और योजनाओं के क्रियान्वयन की बारीकी से जांच की। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देशित किया कि कोई भी पात्र किसान जानकारी के अभाव में योजना से वंचित नहीं रहना चाहिए। कलक्टर देवेन्द्र कुमार ने जोर देकर कहा कि इन शिविरों का वास्तविक उद्देश्य तभी सफल होगा जब अंतिम छोर पर खड़ा व्यक्ति सरकारी सहायता का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनेगा।

संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) रामराज मीणा ने शिविरों की व्यापकता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पहले दिन जसोता, पीचूपाड़ा खुर्द, बड़ियाल खुर्द, बहरावंडा, मीना सीमला, महवा, मंडावर, लालसोट, नांगल राजावतान, कल्लावास और हिगोटिया जैसे प्रमुख गिरदावर सर्किलों में किसानों का भारी हुजूम उमड़ा। इन शिविरों में कृषि एवं उद्यान विभाग की ओर से तारबंदी, पाइप लाइन, फार्म पोंड निर्माण, और फसल बीमा योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही, आधुनिक खेती की दिशा में कदम बढ़ाते हुए सोलर पंप, प्लास्टिक मल्च, फव्वारा संयंत्र और बूंद-बूंद सिंचाई पद्धति के लिए किसानों के आवेदन मौके पर ही तैयार करवाए गए। इतना ही नहीं, किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड और मिनी किट का वितरण कर उन्हें तकनीकी रूप से सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया।

इस आयोजन में केवल कृषि विभाग ही नहीं, बल्कि सहकारिता, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, जल संसाधन, उद्योग और ऊर्जा विभाग सहित तमाम महकमों के अधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अधिकारियों ने किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य और आगामी ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट के महत्व से अवगत कराया। सामूहिक प्रयासों और विभागीय समन्वय का यह संगम दौसा के ग्रामीण परिवेश में एक नई जागरूकता की लहर छोड़ गया है। ये शिविर न केवल प्रशासनिक मुस्तैदी का प्रतीक बने हैं, बल्कि किसानों के उज्ज्वल भविष्य और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के पुनरुत्थान के लिए एक मील का पत्थर साबित होंगे।

Sunil Satyawadi, Dausa

Sunil Satyawadi, Dausa

नाम: सुनील सत्यवादी

वर्तमान पद: संवाददाता / रिपोर्टर, पब्लिक ऐप (InShorts)

कार्यक्षेत्र: दौसा (राजस्थान)

अनुभव: साल 2006 से (प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, प्रशासन, शिक्षा, और स्वास्थ्य

परिचय व अनुभव 

सुनील सत्यवादी साल 2006 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने अपने करियर के दौरान प्रिंट मीडिया में प्रतिष्ठित पाक्षिक पत्रिका 'तथ्य भारती', 'राजस्थान पत्रिका' और 'दैनिक भास्कर' के लिए वर्षों तक लेख (आर्टिकल्स) लिखे। इसके बाद उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल मीडिया में कदम रखते हुए 'सहारा समय', 'A1 टीवी' और 'ख़बर फ़ास्ट' सहित अनेक टीवी चैनलों के लिए काम किया। वर्तमान में वह अक्टूबर 2020 से वीडियो न्यूज़ प्लेटफॉर्म 'पब्लिक ऐप' के लिए दौसा जिला मुख्यालय पर रिपोर्टर के रूप में कार्य कर रहे हैं।

विशेषज्ञता और कार्यशैली (Specialization & Skills)

  • त्वरित रिपोर्टिंग: मजबूत शब्दकोश के कारण वे किसी भी विषय पर बिना पूर्व स्क्रिप्ट या इंट्रो के सीधे कैमरे के सामने या मंच पर रिपोर्टिंग करने में सक्षम हैं।
  • लॉन्ग-फॉर्म इंटरव्यू: पिछले 5 वर्षों में उन्होंने जिला कलेक्टर सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारियों के कई विस्तृत और मोटिवेशनल इंटरव्यू लिए हैं।
  • सकारात्मक पत्रकारिता: वे मुख्य रूप से राजनीतिक और प्रशासनिक विषयों पर विश्लेषणात्मक व सकारात्मक रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

स्नातक (Graduate)

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