VB-G RAM G: दौसा में भाजपा की कार्यशाला संपन्न, मनरेगा का बदला नाम
भाजपा ने मनरेगा का नाम बदलकर 'वीबी-जी राम जी' किया, अब ग्रामीणों को 100 के बजाय 125 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी।

दौसा में आयोजित भाजपा की जिला स्तरीय कार्यशाला के दौरान दीप प्रज्वलित कर 'वीबी-जी राम जी' अधिनियम 2025 के प्रावधानों पर चर्चा करते अतिथि।
दौसा। विकसित भारत जी राम जी को लेकर भाजपा की ओर से जिला स्तरीय कार्यशाला संपन्न हुई, दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। भाजपा जिलाध्यक्ष लक्ष्मी रेला ने सभी अतिथियों का स्वागत किया एवं कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वीबी-जी राम जी में 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है मनरेगा का नाम बदल गया है जी राम जी के नाम से कांग्रेस को करंट लगता है।
योजनाओं का नामकरण और शासन का मूल उद्देश्य
लक्ष्मी रेला ने कहा— "यू.पी.ए. शासन में सरकारी योजनाओं और लगभग 600 संस्थानों का नाम परिवार-केंद्रित रखा गया, जैसे इंदिरा आवास योजना, राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण और राजीव गांधी खेल रत्न। जबकि नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी, सरदार वल्लभ भाई पटेल जी और लाल बहादुर शास्त्री जी को कम प्राथमिकता दी गई कल्याण मार्ग इसके विपरीत, आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में एन.डी.ए. सरकार ने सरकारी स्थान और मागों का नामकरण सेवा और जनता-केंद्रित किया। राजभवन को लोकभवन, राजपथ को कर्तव्य पथ, रेसकोर्स रोड को लोक और प्रधानमंत्री कार्यालय को सेवा तीर्थ नाम देकर यह संदेश दिया गया कि शासन का मूल उद्देश्य राष्ट्र और जनकल्याण है, न कि किसी एक परिवार या व्यक्ति का हित साधना है।"
ग्रामीण रोजगार की नई गारंटी: निमिषा गौड़
मुख्य वक्ता निमिषा गौड ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा विकसित भारत की संकल्पना, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर मिलेगे। केंद्र सरकार की नीतियां ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा— "मनरेगा का नाम वीबी जीरामजी विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) को लेकर कांग्रेस जनता को गुमराह करके भ्रम फैला रही है। कांग्रेस शासन काल में मनरेगा में भ्रष्टाचार, फर्जी जॉब कार्ड और बेकार के कामों का पर्याय बन गया था। अब विकसित भारत- रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम 2025 यानी % वीबी-जी राम जी% से ग्रामीण रोजगार की तस्वीर बदलेगी। नए कानून में सालाना रोजगार की गारंटी 100 से बढाकर 125 दिन कर दी गई है और गांव में ठोस व टिकाऊ काम होंगे।"
भ्रष्टाचार पर प्रहार और तकनीकी निगरानी
दौसा भाजपा प्रत्याशी जगमोहन मीणा ने कहा— "मनरेगा बंद नहीं हुआ है, इसका नाम बदलकर विबी जीरामजी रखा गया है कांग्रेस को राम जी के नाम से ही चिढ़ती है। अब गांव में ईमानदारी से काम होगे तालाब बनेंगे, नालिया बनेगी, वेयर हाउस का निर्माण होगा स्कूल एवं नर्सिंग होम बनेंगे लगभग 1000 करोड़ का बजट जिसको ग्राम चौपाल के माध्यम से खर्च किया जाएगा। कानून ग्रामीण रोजगार नीति को विकसित भारत के रोडमैप से जोड़ेगा कांग्रेस ने मनरेगा में बहुत भ्रष्टाचार एवं फर्जीवाड़ा किया है। डुप्लीकेट जॉब कार्ड, नकली लाभार्थी, मनगढ़ंत हाजिरी और मजदूरी भुगतान में अनियमितताओ की जांच पड़ताल की कोई व्यवस्था नहीं थी। अब नए कानून में जियो टैगिग, सैटलाइट इमेजरी, मोबाइल एप और एआई से निगरानी होगी। भाजपा की भजनलाल सरकार ने 2 वर्ष में हर क्षेत्र में ऐतिहासिक विकास के काम किए हैं।"
VB-G RAM G अधिनियम, 2025 की मुख्य विशेषताएं
जिला प्रभारी सोमकांत शर्मा ने कहा कि इसी सोच के तहत विकसित भारत - G RAM G अधिनियम, 2025, ग्रामीण आत्मनिर्भरता, रोजगार और आजीविका को मजबूत करते हुए हर गरीब को सम्मान के साथ रोजगार देता है। उन्होंने योजना के मुख्य बिंदु बताए:
- "नई योजना में, रोजगार गारंटी 100 से 125 दिन हुई: समय पर मजदूरी मिलेगी।"
- "वन क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति के श्रमिकों को 25 दिन का अतिरिक्त रोजगार।"
- "बीवी–जीरामजी में उन्नत रोजगार की कानूनी गारंटी, नए ग्रामीण विकास की रूपरेखा, मुख्य कृषि सीजन के दौरान कृषि श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना, सशक्त योजना समागम एवं समग्र सरकारी ढांचा।"
- "सार्वजनिक कार्यों का विषयगत प्राथमिकता निर्धारण: जल सुरक्षा, ग्रामीण क्षेत्र का इन्फ्रास्ट्रक्चर, सड़के, स्कूल, स्वच्छता, आवास निर्माण, जल स्रोतों का संरक्षण, सिंचाई और नवीनीकरण, बाजार, भंडारण, मत्स्य पालन, पशुधन संपत्तियों, कौशल विकास केंद्र, आश्रय स्थल, तटबंध, बाड़ और वन, अग्नि प्रबंधन।"
- "आधुनिक तकनीकी रूप से सक्षम बायोमेट्रिक सत्यापन, मोबाइल-आधारित मॉनिटरिंग, विशेष तकनीकी प्लानिंग, रियल-टाइम डैशबोर्ड और AI-आधारित एनालिटिक्स का उपयोग।"
- "साप्ताहिक पंचायत स्तर पर कार्य प्रगति का अनिवार्य भौतिक और डिजिटल मॉनिटरिंग प्रत्येक ग्राम पंचायत के लिए वर्ष में दो बार सोशल ऑडिट्स आयोजित की जाएगी, समग्र सरकारी समीक्षा प्रक्रिया के लिए राष्ट्रीय और प्रदेश स्तरीय संचालन समितियाँ का गठन किया जाएगा।"
उपस्थित अतिथि एवं पदाधिकारी
कार्यक्रम को कन्हैया लाल मीणा (दोसा लोकसभा सांसद प्रत्याशी), सिकराय विधायक विक्रम बंसीवाल, लालसोट विधायक रामविलास मीणा, नीलम गुर्जर, पूर्व जिला अध्यक्ष टीकम सिंह गुर्जर, रवि पालीवाल (प्रदेश प्रवक्ता) ने भी संबोधित किया।
जिला मीडिया प्रभारी प्रेम हरितवाल ने बताया इस अवसर पर निम्नलिखित पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे:
- जिला संयोजक हरकेश मटलाना, सहसंयोजक विजय बैरवा, पूर्व सभापति राजकुमार जायसवाल, जिला महामंत्री विपिन जैन।
- दौसा नगर अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह राजपूत, द्वारिका प्रसाद गुप्ता, डी.पी. सैनी, सियाराम शर्मा एडवोकेट, दशरथ सिंह, अशोक सैन।
- जिला उपाध्यक्ष शिव शर्मा, जगदीश गुर्जर, राजेंद्र छीपा, भावना सैनी, किरण डोरिया, मंजू साहू, चंद्रकांता हरितवाल, केसर मीणा, गौरी पाटन, मंजू सैनी, कलावती गुप्ता, शशि जैमिनी, ममता सैनी।

Sunil Satyawadi, Dausa
नाम: सुनील सत्यवादी
वर्तमान पद: संवाददाता / रिपोर्टर, पब्लिक ऐप (InShorts)
कार्यक्षेत्र: दौसा (राजस्थान)
अनुभव: साल 2006 से (प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, प्रशासन, शिक्षा, और स्वास्थ्य
परिचय व अनुभव
सुनील सत्यवादी साल 2006 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने अपने करियर के दौरान प्रिंट मीडिया में प्रतिष्ठित पाक्षिक पत्रिका 'तथ्य भारती', 'राजस्थान पत्रिका' और 'दैनिक भास्कर' के लिए वर्षों तक लेख (आर्टिकल्स) लिखे। इसके बाद उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल मीडिया में कदम रखते हुए 'सहारा समय', 'A1 टीवी' और 'ख़बर फ़ास्ट' सहित अनेक टीवी चैनलों के लिए काम किया। वर्तमान में वह अक्टूबर 2020 से वीडियो न्यूज़ प्लेटफॉर्म 'पब्लिक ऐप' के लिए दौसा जिला मुख्यालय पर रिपोर्टर के रूप में कार्य कर रहे हैं।
विशेषज्ञता और कार्यशैली (Specialization & Skills)
- त्वरित रिपोर्टिंग: मजबूत शब्दकोश के कारण वे किसी भी विषय पर बिना पूर्व स्क्रिप्ट या इंट्रो के सीधे कैमरे के सामने या मंच पर रिपोर्टिंग करने में सक्षम हैं।
- लॉन्ग-फॉर्म इंटरव्यू: पिछले 5 वर्षों में उन्होंने जिला कलेक्टर सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारियों के कई विस्तृत और मोटिवेशनल इंटरव्यू लिए हैं।
- सकारात्मक पत्रकारिता: वे मुख्य रूप से राजनीतिक और प्रशासनिक विषयों पर विश्लेषणात्मक व सकारात्मक रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
स्नातक (Graduate)
