दौसा। शहर में फैले अतिक्रमण के खिलाफ आखिरकार नगर परिषद ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। गुरुवार को नगर परिषद की अतिक्रमण विरोधी टीम ने लालसोट रोड क्षेत्र में अभियान चलाकर सड़क किनारे किए गए अवैध कब्जों को हटाया। इस कार्रवाई के दौरान नगर परिषद का ‘पीला पंजा’ जब बरकत स्टैचू के पास पहुंचा तो वहां बनी कई लकड़ी की अस्थायी दुकानें और ठेले ध्वस्त कर दिए गए। कार्रवाई शुरू होते ही अतिक्रमणकारियों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग अपने सामान हटाने में जुट गए।

शहरवासियों की लंबे समय से यह शिकायत रही है कि मुख्य मार्गों पर दुकानदारों और ठेले वालों द्वारा किए गए अतिक्रमण के कारण आवाजाही मुश्किल हो गई है। जिन सड़कों की चौड़ाई 80 फीट है, वहां अब मुश्किल से 15 से 20 फीट का रास्ता ही बचा है। सड़क के दोनों ओर अस्थायी ढांचे, लकड़ी के गोडाउन और निर्माण सामग्री के ढेर ने शहर की सुंदरता और यातायात व्यवस्था दोनों को प्रभावित किया हुआ था।

नागरिकों की लगातार शिकायतों और बढ़ते दबाव के बाद नगर परिषद ने यह कार्रवाई की। टीम ने मौके पर मौजूद कई दुकानदारों को चेतावनी दी कि अगर दोबारा अतिक्रमण किया गया तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। परिषद अधिकारियों का कहना है कि शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए यह केवल शुरुआत है और आगे भी नियमित रूप से अभियान चलाया जाएगा।

इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने नगर परिषद के प्रयासों का स्वागत किया। नागरिकों का कहना है कि यदि यह अभियान निरंतर जारी रहा, तो दौसा की सड़कों को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त बनाया जा सकता है। हालांकि, लोगों ने यह भी जताया कि पूर्व में ऐसी कार्रवाइयाँ केवल दिखावे तक सीमित रह गई थीं और कुछ ही दिनों में दोबारा ठेले और दुकानें वहीं लग जाती थीं। इस बार जनता उम्मीद जता रही है कि नगर परिषद इस अभियान को दीर्घकालिक बनाकर शहर को वास्तव में अतिक्रमण के जाल से मुक्त करेगी।

दौसा नगर परिषद की यह कार्रवाई न केवल अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन की सख्ती का संकेत है, बल्कि यह शहर की स्वच्छता और यातायात व्यवस्था को सुधारने की दिशा में उठाया गया एक अहम कदम भी है। यदि इस अभियान को निरंतरता दी गई, तो यह शहर की सूरत और नागरिकों की सुविधा—दोनों को निखारने में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

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