दौसा (राजस्थान): मरुधरा की माटी को सोना उगलने वाली धरा में तब्दील करने और अन्नदाता के जीवन में खुशहाली के नए रंग भरने की दिशा में गुरुवार को दौसा जिले में एक नए अध्याय का सूत्रपात हुआ। जिला परिषद सभागार में आयोजित भव्य समारोह के दौरान कृषि एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने 'ग्राम उत्थान शिविर' का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य सरकार का संकल्प केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि खेती-किसानी को उन्नत, तकनीक-युक्त और समृद्ध बनाना है। कार्यक्रम में एक ओर जहां किसान सम्मान निधि की पांचवीं किश्त सीधे किसानों के खातों में पहुंची, वहीं दूसरी ओर 'ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट' (ग्राम) के जरिए कृषि को वैश्विक मानकों पर ले जाने की रूपरेखा भी साझा की गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि आज का युग तकनीक का युग है और हमारा किसान पुराने ढर्रे पर चलकर अपनी उपज का सही मूल्य प्राप्त नहीं कर सकता। उन्होंने घोषणा की कि आगामी दिनों में आयोजित होने वाला ‘ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट’ (ग्राम) प्रदेश के काश्तकारों और पशुपालकों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इस महाकुंभ के जरिए किसानों को इजराइल और अन्य कृषि-प्रधान देशों की तरह आधुनिक तकनीक से रूबरू कराया जाएगा, ताकि वे कम लागत में अधिक मुनाफा कमा सकें। मंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार का प्रयास है कि नवीनतम तकनीक की जानकारी प्रयोगशालाओं से निकलकर सीधे खेत-खलिहानों तक पहुंचे। इसी कड़ी में 23 जनवरी से प्रत्येक गिरदावर सर्किल पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जहां प्रशासन खुद चलकर किसानों के द्वार जाएगा और उन्हें कृषि व संबद्ध क्षेत्रों की योजनाओं से लाभान्वित करेगा।

समारोह के दौरान सवाई माधोपुर में हाल ही में संपन्न हुए 'अमरूद महोत्सव' की सफलता का जिक्र करते हुए डॉ. मीणा ने इसे 'पंच गौरव' कार्यक्रम का एक सशक्त उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य केवल प्रदर्शनी नहीं, बल्कि किसानों को उनकी उपज की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और प्रोसेसिंग की बारीकियां सिखाना है। जब किसान अपनी फसल को उत्पाद में बदलकर बाजार में उतारता है, तो उसकी आय में कई गुना वृद्धि सुनिश्चित होती है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने राजीविका के सशक्तिकरण पर प्रकाश डालते हुए बताया कि महिलाओं को ऋण उपलब्ध कराकर उनके द्वारा तैयार उत्पादों की मार्केटिंग और प्रमोशन में सरकार पूरी सहायता प्रदान कर रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई संजीवनी मिल रही है।

किसान कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कृषि मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार परंपरा और आधुनिकता के संतुलन पर काम कर रही है। एक तरफ जहां बैलों से खेती को बढ़ावा देने के लिए अनुदान दिया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ ड्रिप इरिगेशन, स्प्रिंकलर, सोलर पंप और हाई-टेक कृषि उपकरणों पर भारी सब्सिडी दी जा रही है। पशुओं का नि:शुल्क बीमा, समर्थन मूल्य पर खरीद और दुग्ध उत्पाद संबल योजना जैसी पहल यह सुनिश्चित कर रही हैं कि किसान किसी भी परिस्थिति में स्वयं को अकेला न महसूस करे।

यह जिला स्तरीय कार्यक्रम सिरोही में आयोजित राज्य स्तरीय मुख्य समारोह से वर्चुअल माध्यम से जुड़ा हुआ था। तकनीक के इस युग में पारदर्शिता का प्रमाण देते हुए, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की उपस्थिति वाले मुख्य कार्यक्रम के साथ ही दौसा के किसानों के बैंक खातों में भी किसान सम्मान निधि की पांचवीं किश्त के रूप में एक-एक हजार रुपए की राशि 'डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर' (डीबीटी) के माध्यम से हस्तांतरित की गई। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना, मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना और निर्माण श्रमिकों व किसानों को कृषि आदान अनुदान सहायता राशि भी एक क्लिक पर उनके खातों में भेज दी गई। सभागार में उपस्थित सैकड़ों काश्तकारों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और अन्य मंत्रियों के प्रेरणादायी उद्बोधन को सुना, जिससे उनमें एक नई आशा का संचार हुआ।

कार्यक्रम के अंत में प्रशासनिक और आधिकारिक गरिमा को बनाए रखते हुए जिला कलक्टर देवेन्द्र कुमार, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बिरदीचंद गंगवाल, अतिरिक्त जिला कलक्टर अरविन्द शर्मा और उपखंड अधिकारी संजू मीणा सहित कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक रामराज मीणा व जिलाध्यक्ष लक्ष्मी रेला भी उपस्थित रहे। मंत्री डॉ. मीणा ने सभी किसानों का आह्वान किया कि वे इन शिविरों और योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाएं और राजस्थान को कृषि के क्षेत्र में देश का सिरमौर राज्य बनाने में अपना योगदान दें।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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