दौसा-करौली सीमा पर स्थित आस्था के प्रसिद्ध धाम मेहंदीपुर बालाजी में श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक यह स्थान अब एक रहस्यमय घटना का केंद्र बन गया है। यहां तीन नाबालिग बालिकाओं के रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। 23 अक्टूबर 2025 से लापता इन बच्चियों का ग्यारह दिन बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला है। परिजनों की आंखों में उम्मीद और भय दोनों झलक रहे हैं, जबकि पुलिस की जांच अब भी अधूरी प्रतीत होती है।

जानकारी के अनुसार, लापता बालिकाओं में 15 वर्षीय पूनम शर्मा निवासी अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश), 12 वर्षीय परी यादव, और 10 वर्षीय कोमल यादव शामिल हैं। तीनों बच्चियां मेहंदीपुर बालाजी धाम परिसर के पास श्रद्धालुओं को तिलक लगाकर और चंदा एकत्र कर अपने परिवार का गुजारा करती थीं। तीनों परिवार अलग-अलग परिस्थितियों में बालाजी धाम पहुंचे थे—किसी की मां संकट से पीड़ित थी, तो किसी ने जीवनयापन के लिए यह स्थान चुना था।

23 अक्टूबर की शाम, तीनों बालिकाओं को आखिरी बार बालाजी मोड़ के पास देखा गया। सीसीटीवी फुटेज में वे एक ऑटो में बैठकर वहां पहुंचती नजर आईं, लेकिन इसके बाद उनका कोई सुराग नहीं मिला। करौली पुलिस के अनुसार, बच्चियों की तलाश के लिए चार विशेष टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों ने गोवर्धन, मथुरा और वृंदावन तक सर्च अभियान चलाया, मगर अब तक जांच शून्य परिणाम पर है।

इस बीच, एक नाबालिग की मां ने अपने सौतेले पति पर ही बच्चियों को गायब करने का आरोप लगाया है। महिला ने बताया कि उसका दूसरा पति मुकेश उसकी बेटियों को पसंद नहीं करता था, उन्हें खर्च नहीं देता था, और लापता होने के बाद भी उन्हें खोजने की कोई कोशिश नहीं की। इस आरोप ने जांच को नया मोड़ दे दिया है।

परिजनों ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यदि शुरुआती दिनों में पुलिस ने तत्परता दिखाई होती, तो बच्चियां अब तक मिल जातीं। आरोप है कि पुलिस ने लापता बालिका की मां को धमकाकर उसका किराए का मकान भी खाली करवा दिया, जिससे परिवार अब दर-दर की ठोकरें खा रहा है।

करौली पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल ने बताया कि पुलिस सभी संभावित कोणों से जांच कर रही है और जल्द ही सत्य सामने लाया जाएगा। हालांकि, ग्यारह दिन बाद भी बच्चियों का कोई पता नहीं चलना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।

श्रद्धा और विश्वास के प्रतीक मेहंदीपुर बालाजी धाम में इस घटना ने भय और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। अब हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल है—“आख़िर तीनों नाबालिग बालिकाएं कहां गईं?”

Pratahkal Bureau

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