बसंत पंचमी पर दौसा में शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा का संदेश, डीबीटी से करोड़ों की राशि हस्तांतरित, मुख्यमंत्री–उपमुख्यमंत्री का प्रेरणादायी उद्बोधन
दौसा में बसंत पंचमी पर जिला स्तरीय कार्यक्रम के दौरान सरस्वती वंदन, युवा संवाद और मेगा पीटीएम का आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के वर्चुअल उद्बोधन के साथ सामाजिक सुरक्षा पेंशन और बालिका शिक्षा योजनाओं के तहत डीबीटी से करोड़ों रुपए लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित किए गए।

दौसा। बसंत पंचमी के पावन अवसर पर दौसा जिले में शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और बालिका सशक्तिकरण का समन्वित संदेश देखने को मिला। जिला परिषद सभागार में शुक्रवार को सरस्वती वंदन, युवा संवाद और मेगा अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) का जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जो जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह से वर्चुअल माध्यम से जुड़ा रहा। कार्यक्रम में सामाजिक सुरक्षा पेंशन एवं विभिन्न बालिका शिक्षा प्रोत्साहन योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों के खातों में डीबीटी के जरिए करोड़ों रुपए की राशि सीधे हस्तांतरित की गई।
राज्य स्तरीय कार्यक्रम के माध्यम से दौसा जिले के हजारों लाभार्थियों को राहत और प्रोत्साहन मिला। वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत एक लाख 18 हजार लाभार्थियों के खातों में 11.28 करोड़ रुपए, एकल नारी पेंशन योजना के अंतर्गत 35 हजार 900 लाभार्थियों को 3.50 करोड़ रुपए तथा विशेष योग्यजन पेंशन योजना में 24 हजार 800 लाभार्थियों को 3 करोड़ रुपए डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित किए गए। यह राशि सीधे खातों में पहुंचने से पारदर्शिता और समयबद्धता का स्पष्ट संदेश सामने आया।
इसी क्रम में बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन देने वाली योजनाओं के अंतर्गत भी बड़ी संख्या में छात्राओं को आर्थिक सहायता प्रदान की गई। गार्गी पुरस्कार योजना के तहत 2447 बालिकाओं को प्रथम किश्त के रूप में 73.41 लाख रुपए और 2029 बालिकाओं को द्वितीय किश्त के रूप में 60.87 लाख रुपए प्रदान किए गए। बालिका प्रोत्साहन योजना में 4194 बालिकाओं के खातों में 2 करोड़ 9 लाख 70 हजार रुपए हस्तांतरित किए गए, जबकि पद्माक्षी पुरस्कार योजना में 24 बालिकाओं को 13.50 लाख रुपए, मुख्यमंत्री हमारी बेटियां योजना में 8 बालिकाओं को 2 लाख 38 हजार 815 रुपए और आपणी बेटी योजना के अंतर्गत 154 बालिकाओं को 3 लाख 67 हजार 500 रुपए की सहायता राशि दी गई।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और अभिभावकों ने जयपुर से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा का प्रेरणादायी उद्बोधन वर्चुअली सुना। हालांकि जिला स्तरीय प्रेस नोट में उनके उद्बोधन के विस्तृत बिंदुओं का उल्लेख नहीं किया गया, लेकिन छात्रों और युवाओं में उनके संदेश को लेकर उत्साह स्पष्ट रूप से देखा गया।
जिला परिषद सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिला कलक्टर देवेन्द्र कुमार, अतिरिक्त जिला कलक्टर अरविन्द शर्मा, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी इन्द्रा गुप्ता सहित अन्य अधिकारियों और अतिथियों ने बालिकाओं को निःशुल्क साइकिल वितरित की। इस पहल को शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने और बालिकाओं की निरंतर विद्यालय उपस्थिति सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
कार्यक्रम में प्रभारी अधिकारी उप निदेशक मंजू शर्मा, निदेशालय प्रतिनिधि सौरभ, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) अशोक शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) शिवचरण लाल मीणा, अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक गिर्राज प्रसाद मीना सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, प्रधानाचार्य, अभिभावक, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में लाभार्थी उपस्थित रहे।
बसंत पंचमी के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल सांस्कृतिक और शैक्षणिक चेतना का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक सुरक्षा और बालिका शिक्षा के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को भी स्पष्ट रूप से रेखांकित करता नजर आया।

Sunil Satyawadi, Dausa
नाम: सुनील सत्यवादी
वर्तमान पद: संवाददाता / रिपोर्टर, पब्लिक ऐप (InShorts)
कार्यक्षेत्र: दौसा (राजस्थान)
अनुभव: साल 2006 से (प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, प्रशासन, शिक्षा, और स्वास्थ्य
परिचय व अनुभव
सुनील सत्यवादी साल 2006 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने अपने करियर के दौरान प्रिंट मीडिया में प्रतिष्ठित पाक्षिक पत्रिका 'तथ्य भारती', 'राजस्थान पत्रिका' और 'दैनिक भास्कर' के लिए वर्षों तक लेख (आर्टिकल्स) लिखे। इसके बाद उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल मीडिया में कदम रखते हुए 'सहारा समय', 'A1 टीवी' और 'ख़बर फ़ास्ट' सहित अनेक टीवी चैनलों के लिए काम किया। वर्तमान में वह अक्टूबर 2020 से वीडियो न्यूज़ प्लेटफॉर्म 'पब्लिक ऐप' के लिए दौसा जिला मुख्यालय पर रिपोर्टर के रूप में कार्य कर रहे हैं।
विशेषज्ञता और कार्यशैली (Specialization & Skills)
- त्वरित रिपोर्टिंग: मजबूत शब्दकोश के कारण वे किसी भी विषय पर बिना पूर्व स्क्रिप्ट या इंट्रो के सीधे कैमरे के सामने या मंच पर रिपोर्टिंग करने में सक्षम हैं।
- लॉन्ग-फॉर्म इंटरव्यू: पिछले 5 वर्षों में उन्होंने जिला कलेक्टर सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारियों के कई विस्तृत और मोटिवेशनल इंटरव्यू लिए हैं।
- सकारात्मक पत्रकारिता: वे मुख्य रूप से राजनीतिक और प्रशासनिक विषयों पर विश्लेषणात्मक व सकारात्मक रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
स्नातक (Graduate)
