दौसा — महिलाओं में तेजी से बढ़ रहे एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) संक्रमण को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिले में एक व्यापक चेतना अभियान शुरू किया है। विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि एचपीवी टेस्ट गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर की रोकथाम का सबसे प्रभावी और आवश्यक तरीका है।

एसएमएस मेडिकल कॉलेज की गायनाकोलॉजी विभाग की एचओडी डॉ. मीनाक्षी मिश्रा, डॉ. मोनिका शर्मा, डॉ. शाइनी और जिला प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर. के. मीणा ने बताया कि 30 से 65 वर्ष की हर महिला को यह टेस्ट अवश्य करवाना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर जांच से कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

विशेषज्ञों ने बताया कि एचपीवी एक बेहद आम संक्रमण है, लेकिन यह महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर का प्रमुख कारण बन सकता है। एचपीवी टेस्ट एक सरल और सामान्य प्रक्रिया है, जिसमें गर्भाशय ग्रीवा से हल्का सा नमूना लिया जाता है, जिससे हाई-रिस्क एचपीवी वायरस की पहचान संभव होती है। प्रारंभिक चरण में संक्रमण पकड़ में आने पर कैंसर को पूरी तरह रोका जा सकता है।

स्वास्थ्य अधिकारियों ने महिलाओं से विशेष अपील की है कि वे लक्षणों का इंतजार न करें और जल्द से जल्द यह टेस्ट करवाएं। दौसा जिले की महिलाएं जिला चिकित्सालय के मातृ एवं शिशु विभाग, कक्ष संख्या 10 में सहज रूप से एचपीवी टेस्ट करवा सकती हैं। उल्लेखनीय है कि राजस्थान में केवल सात जिलों में यह सुविधा उपलब्ध है और दौसा उनमें शामिल है।

स्वास्थ्य विभाग ने यह संदेश भी दिया कि महिलाएं अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और समय पर जांच कराकर गर्भाशय ग्रीवा कैंसर से खुद को सुरक्षित रखें। इस पहल से जिले में महिलाओं के स्वास्थ्य और जागरूकता के स्तर को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

Pratahkal Bureau

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