मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह दौसा का मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने किया निरीक्षण
राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश पर कार्यवाहक सचिव उमेश वीर ने अनुष्का जनकल्याण सेवा संस्थान द्वारा संचालित गृह में सुविधाओं और चिकित्सा व्यवस्था का जायजा लिया।

दौसा स्थित मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह में निरीक्षण के दौरान सुविधाओं की जानकारी लेते मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट उमेश वीर और साथ में उपस्थित प्रबंधक सुबुद्धि सिंह गुर्जर।
निरीक्षण एवं आधिकारिक कार्यवाही
- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दौसा के कार्यवाहक सचिव उमेश वीर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, दौसा द्वारा दौसा जिले में अनुष्का जनकल्याण सेवा संस्थान द्वारा संचालित मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह, दौसा का निरीक्षण किया गया।
- कार्यवाहक सचिव द्वारा मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह के भवन, उसमें निवासरत वरिष्ठ नागरिकों को प्रदान की जा रही सुविधाओं का जायजा लिया गया।
- सचिव द्वारा वरिष्ठ नागरिकों की चिकित्सा व्यवस्था के संबंध में भी जानकारी ली गई।
उच्च न्यायालय के निर्देशों की पालना
सचिव द्वारा उच्च न्यायालय द्वारा बताये गये बिन्दुओं के अनुसार गृह का निरीक्षण किया गया। "निरीक्षण पश्चात् रिपोर्ट तथा गृह के इंफ्रास्ट्रक्चर और वहां रहने वालों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के संबंध में सुझाव उच्च न्यायालय को प्रेषित किए जावेंगें।"
निरीक्षण के वक्त संस्था के प्रबंधक सुबुद्धि सिंह गुर्जर उपस्थित रहे।

Sunil Satyawadi, Dausa
नाम: सुनील सत्यवादी
वर्तमान पद: संवाददाता / रिपोर्टर, पब्लिक ऐप (InShorts)
कार्यक्षेत्र: दौसा (राजस्थान)
अनुभव: साल 2006 से (प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, प्रशासन, शिक्षा, और स्वास्थ्य
परिचय व अनुभव
सुनील सत्यवादी साल 2006 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने अपने करियर के दौरान प्रिंट मीडिया में प्रतिष्ठित पाक्षिक पत्रिका 'तथ्य भारती', 'राजस्थान पत्रिका' और 'दैनिक भास्कर' के लिए वर्षों तक लेख (आर्टिकल्स) लिखे। इसके बाद उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल मीडिया में कदम रखते हुए 'सहारा समय', 'A1 टीवी' और 'ख़बर फ़ास्ट' सहित अनेक टीवी चैनलों के लिए काम किया। वर्तमान में वह अक्टूबर 2020 से वीडियो न्यूज़ प्लेटफॉर्म 'पब्लिक ऐप' के लिए दौसा जिला मुख्यालय पर रिपोर्टर के रूप में कार्य कर रहे हैं।
विशेषज्ञता और कार्यशैली (Specialization & Skills)
- त्वरित रिपोर्टिंग: मजबूत शब्दकोश के कारण वे किसी भी विषय पर बिना पूर्व स्क्रिप्ट या इंट्रो के सीधे कैमरे के सामने या मंच पर रिपोर्टिंग करने में सक्षम हैं।
- लॉन्ग-फॉर्म इंटरव्यू: पिछले 5 वर्षों में उन्होंने जिला कलेक्टर सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारियों के कई विस्तृत और मोटिवेशनल इंटरव्यू लिए हैं।
- सकारात्मक पत्रकारिता: वे मुख्य रूप से राजनीतिक और प्रशासनिक विषयों पर विश्लेषणात्मक व सकारात्मक रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
स्नातक (Graduate)
