दौसा। नगर परिषद की अंतिम बोर्ड बैठक के बाद पार्षद शाहनवाज़ खान उर्फ़ सनी खान ने मीडिया से बातचीत में पार्षदों की कार्यशैली, विकास कार्यों और सदन में हुई गहमागहमी पर कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह बैठक न केवल बोर्ड की अंतिम बैठक थी, बल्कि कुछ पार्षदों के लिए जीवन की अंतिम बैठक भी साबित होगी, क्योंकि वे दोबारा जनता के बीच जाकर चुनाव जीतने की स्थिति में नहीं हैं।

शाहनवाज़ खान ने आरोप लगाया कि कई पार्षद पूरे पाँच साल तक अपने वार्ड की समस्याओं को उठाने के बजाय नेताओं और अधिकारियों के प्रति अनावश्यक “गुलामी” में व्यस्त रहे। उनका कहना था कि जनता आने वाले नगर निकाय चुनाव में इन पार्षदों से जरूर जवाब मांगेगी। उन्होंने बताया कि आज की बैठक में रोड लाइट, सफाई व्यवस्था और वार्डों में मूलभूत सुविधाओं से जुड़े गंभीर मुद्दों को मजबूती से सदन में उठाया गया।

उन्होंने आगे कहा कि पिछले पाँच वर्षों में उन्होंने लगातार सड़क से सदन तक संघर्ष किया, धरने-प्रदर्शन किए और कई बार नगर परिषद के सामने कचरा रखकर सफाई व्यवस्था की पोल खोलने का प्रयास किया। इस सक्रियता के कारण उन पर राजनीतिक द्वेषवश मुकदमे दर्ज किए गए, जिनमें सांसद, तत्कालीन सभापति और नगर परिषद आयुक्त तक शामिल थे। शाहनवाज़ ने कहा कि सच्चाई की जीत हमेशा होती है और उन्होंने उच्च अधिकारियों के माध्यम से इन मुकदमों को समाप्त करवाया।

पार्षद ने बताया कि जनता के हित में उन्होंने कई आंदोलन किए, मृतक आश्रित परिजनों को मुआवज़ा दिलवाया और वार्ड की समस्याओं को लगातार उजागर किया। बैठक के दौरान सदन में पार्षद पतियों की मौजूदगी पर भी उन्होंने विरोध जताया। उनका कहना था कि नियम के अनुसार पार्षदों के परिजन सदन में नहीं बैठ सकते, लेकिन इसके बावजूद कई पार्षदों के पति बैठक में मौजूद थे। उन्होंने यह भी कहा कि जब सभापति के पति को बाहर निकाला गया तब भी किसी पार्षद ने विरोध नहीं किया।

शाहनवाज़ खान ने कहा कि पूरे पाँच साल तक अधिकतर बैठकें केवल कागज़ों तक सीमित रहीं और जमीनी स्तर पर कोई ठोस सुधार नहीं दिखाई दिया। विकास के तमाम वादे अधूरे रह गए और जनता आगामी चुनाव में इनकी कीमत वसूलने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

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