मुंबई के बायखला इलाके में एक मामूली सड़क विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया, जिसके बाद पूर्व क्रिकेटर और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद यूसुफ पठान के रिश्तेदारों की गिरफ्तारी ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में पठान के ससुर और अन्य परिजनों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है।

घटना शनिवार को उस समय शुरू हुई जब एक वाहन द्वारा गड्ढे से गुजरते समय पानी छींटने की वजह से यूसुफ खान और शोएब खान के बीच कहासुनी हो गई। यह मामूली विवाद देखते ही देखते तीखी बहस और फिर हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि इसी दौरान आरोपियों ने लाठी-डंडों और बेसबॉल बैट जैसे हथियारों से पीड़ित और उसके परिवार पर हमला कर दिया, जिससे कई लोग घायल हो गए।



पुलिस जांच में सामने आया है कि इस मामले में मुख्य आरोपी यूसुफ पठान के ससुर खालिद खान और उनके परिजन शामिल हैं। बताया गया कि जब पीड़ित यूसुफ खान शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन जा रहा था, उसी दौरान उसे बीच रास्ते में रोका गया और उस पर दोबारा हमला किया गया, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।

घटना के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कैसे मामूली विवाद के बाद भीड़ इकट्ठा होकर लाठी-डंडों से हमला कर रही है। पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान सीसीटीवी और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक आरोपी फरार है। पुलिस ने मौके से हमले में इस्तेमाल किए गए बांस के डंडे और बेसबॉल बैट भी बरामद किए हैं।

इस मामले में एक क्रॉस-एफआईआर भी दर्ज की गई है, जिसे उमरशाद पठान द्वारा दर्ज कराया गया है। यह एफआईआर उसी पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई है, जहां मूल शिकायत दर्ज की गई थी। पुलिस ने बताया कि आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं 118(2), 115(2), 324, 352, 351(2) और 3(5) के तहत गिरफ्तार किया गया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

यूसुफ पठान, जो भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर रहे हैं और वर्तमान में तृणमूल कांग्रेस से सांसद हैं, ने 2024 के लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल के बहारामपुर क्षेत्र से जीत हासिल की थी। उन्होंने कांग्रेस के पांच बार के सांसद अधीर रंजन चौधरी को 85,022 वोटों के अंतर से हराकर राजनीतिक क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई थी।

घटना के राजनीतिक संदर्भ भी सामने आए हैं, क्योंकि यूसुफ पठान इस समय पश्चिम बंगाल में चल रहे चुनावी अभियान में सक्रिय हैं। हाल ही में उन्होंने खरगपुर सदर क्षेत्र में अपनी पार्टी के उम्मीदवार के समर्थन में रोड शो भी किया था। ऐसे समय में उनके परिवार से जुड़े इस विवाद ने राजनीतिक माहौल को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। मुंबई की यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि कैसे छोटे से सड़क विवाद भी गंभीर हिंसक घटनाओं में बदल सकते हैं और कानून व्यवस्था के लिए चुनौती उत्पन्न कर सकते हैं। पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है और फरार आरोपी की तलाश जारी है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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