1970 के दशक में एशिया के पर्यटन स्थलों पर एक ऐसा शख्स छाया, जिसने पश्चिमी देशों के युवाओं के लिए डर और भय का पर्याय बनकर इतिहास रच दिया। यह शख्स था चार्ल्स सोभराज, जिसे क्राइम जगत और मीडिया ने ‘बिकिनी किलर’ और ‘सर्पेंट’ के नाम से जाना। अपने चतुर और कपटी व्यक्तित्व के कारण सोभराज ने यात्रियों को दोस्त बनाकर, धोखे और जहर के माध्यम से उनकी हत्या कर डाली।

चार्ल्स सोभराज का जन्म 6 अप्रैल 1944 को हुआ था। वह एक पेशेवर धोखेबाज और अपराधी था, जिसने दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के हिप्पी ट्रेल पर यात्रा करने वाले पर्यटकों को निशाना बनाया। वह आमतौर पर रत्न व्यापारी या अन्य व्यवसायी के रूप में अपनी पहचान छुपाकर यात्रियों से दोस्ती करता और उन्हें ठगी, जहर या हत्या के जाल में फंसा देता।

सोभराज का यह नाम इसलिए पड़ा क्योंकि कई मृतकों को थाईलैंड की समुद्र तटों पर बिकिनी पहन कर मृत पाया गया। इनमें अधिकांश पश्चिमी पर्यटक थे। 1975 में एक अमेरिकी महिला की हत्या और उसके शरीर का समुद्र तट पर बिकिनी में मिलना पहला मामला था जिसने मीडिया का ध्यान आकर्षित किया। इसके बाद की कई हत्याओं में भी इसी तरह की वारदातें सामने आईं।

चार्ल्स सोभराज की हत्या की संख्या 15–20 से अधिक बताई जाती है। 1976 में उसे भारत में गिरफ्तार किया गया था। उसे फ्रांसीसी छात्रों को जहर देने और अन्य अपराधों के लिए जेल में डाल दिया गया। 1986 में सोभराज जेल से भागने में सफल रहा, लेकिन वह अंततः पकड़ में आया।

2003 में सोभराज नेपाल में नजर आया, जहां उसे 1975 में की गई दो पर्यटक हत्याओं के लिए 2004 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसके अपराधों और कूटनीतिक मामलों ने कानून और न्याय व्यवस्था में कई सवाल खड़े किए।

चार्ल्स सोभराज को नेपाल की जेल में 19 वर्षों तक कैद में रखा गया। दिसंबर 2022 में उच्च न्यायालय ने उसकी उम्र और स्वास्थ्य के कारण उसे मानवता के आधार पर रिहा करने का आदेश दिया और उसे फ्रांस भेजा गया। सोभराज के मामले ने एशिया में पर्यटन सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग और अपराधियों की पहचान बदलने की तकनीक पर महत्वपूर्ण बहस छेड़ दी।

चार्ल्स सोभराज की कहानी केवल एक खतरनाक अपराधी की नहीं बल्कि उस युग की यात्रा और जोखिमों की भी गवाही देती है। ‘बिकिनी किलर’ की गूंज आज भी अपराध जगत और मीडिया में जीवित है, जो अपराध, धोखे और कानून के बीच की जटिलताओं को उजागर करती है।

Updated On
Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

Next Story