नई दिल्ली: अमेरिका की सबसे बड़ी जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने भारतीय मूल के एक व्यक्ति कल्पेशकुमार रसिकभाई पटेल, जिसे 'केनी पटेल' के नाम से भी जाना जाता है, को अपनी 'मोस्ट वॉन्टेड' सूची में शामिल किया है। केनी पटेल पर अमेरिका के कई राज्यों में बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी और जालसाजी का रैकेट चलाने का गंभीर आरोप है। एजेंसी ने उसे 'भगोड़ा' घोषित करते हुए आम जनता से उसे पकड़वाने में मदद मांगी है।

कौन है कल्पेशकुमार रसिकभाई पटेल?

कल्पेशकुमार का जन्म 17 मई 1991 को भारत में हुआ था। 33 वर्षीय कल्पेशकुमार को अपराध की दुनिया में कई नामों से जाना जाता है, जिनमें 'केनी पटेल', 'मेको', और 'कल्पेश पटेल' प्रमुख हैं। रिकॉर्ड के अनुसार, अमेरिका आने के बाद उसने शुरुआत में एक साधारण जीवन व्यतीत किया था। उसने फ्यूल स्टेशन अटेंडेंट (पेट्रोल पंप कर्मी), कैशियर और स्टोर वर्कर के रूप में काम किया। हालांकि, धीरे-धीरे वह एक ऐसे संगठित अपराध नेटवर्क का हिस्सा बन गया, जिसने अमेरिकी नागरिकों की गाढ़ी कमाई पर डाका डाला।

करोड़ों की ठगी का मास्टरमाइंड

FBI की जांच के अनुसार, केनी पटेल 2017 से 2021 के बीच एक सक्रिय ठगी गिरोह का हिस्सा था। इस गिरोह का काम करने का तरीका बेहद शातिराना था। केनी और उसके साथी फोन कॉल के जरिए मासूम लोगों को निशाना बनाते थे। वे लोगों को डराते थे कि उनकी पहचान (Identity) किसी आपराधिक गतिविधि में इस्तेमाल हुई है या उनके नाम पर कोई कानूनी वारंट जारी हुआ है।

पकड़े जाने के डर से पीड़ित उनकी बातों में आ जाते थे। इसके बाद, केनी पटेल और उसका गिरोह पीड़ितों को इस फर्जी कानूनी मुसीबत से बाहर निकालने के बदले पैसे की मांग करता था। पीड़ितों को मजबूर किया जाता था कि वे नकद राशि या प्रीपेड डेबिट कार्ड के माध्यम से पैसे अलग-अलग पतों पर भेजें। इस तरह इस गिरोह ने अमेरिका के कई राज्यों में करोड़ों रुपये की अवैध वसूली की।

कानूनी शिकंजा और गिरफ्तारी वारंट

केनी पटेल की गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए अमेरिकी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जून 2023 में, केंटकी की एक संघीय अदालत ने उसके खिलाफ 'मेल और वायर फ्रॉड' (Mail and Wire Fraud) की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसके बावजूद वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

कहां छिपा हो सकता है केनी पटेल?

FBI के नवीनतम इनपुट और इंटेलिजेंस रिपोर्ट के अनुसार, कल्पेशकुमार रसिकभाई पटेल के वर्तमान में अमेरिका के इलिनॉय (Illinois) और पेनसिल्वेनिया (Pennsylvania) राज्यों में कहीं छिपे होने की प्रबल संभावना है। एजेंसी का मानना है कि वह लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा है ताकि कानून के लंबे हाथों से बचा जा सके।


एजेंसी ने कल्पेशकुमार की तस्वीरें जारी की हैं और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। यदि किसी के पास उसकी लोकेशन या गतिविधियों के बारे में कोई भी पुख्ता जानकारी है, तो वह तुरंत स्थानीय FBI कार्यालय या निकटतम अमेरिकी दूतावास से संपर्क कर सकता है। अधिकारियों का कहना है कि केनी जैसे अपराधियों की वजह से न केवल मासूम लोगों का आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि देश की सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।


कल्पेशकुमार पटेल उर्फ केनी पटेल का मामला इस बात की याद दिलाता है कि डिजिटल युग में ठगी के गिरोह कितने खतरनाक हो सकते हैं। एक मामूली स्टोर वर्कर से लेकर अमेरिका की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट तक का उसका सफर अपराध और लालच की एक गंभीर कहानी बयां करता है। फिलहाल, अमेरिकी एजेंसियां उसकी तलाश में जुटी हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही वह कानून की गिरफ्त में होगा।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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