पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में 28 वर्षीय किशन हलदार की बेरहमी से हत्या ने पूरे इलाके को दहला दिया है। अंग्रेज बाजार क्षेत्र में हुई इस वारदात के बाद स्थानीय लोगों के बीच भय और तनाव का माहौल फैल गया। पुलिस के अनुसार, किशन हलदार की हत्या 6 मई की देर रात किसी धारदार हथियार से की गई। घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती करनी पड़ी।

जानकारी के मुताबिक, यह घटना मालदा जिले के अंग्रेज बाजार नगरपालिका के वार्ड नंबर 1 स्थित गदुआ मोड़ इलाके की है। परिवारवालों ने बताया कि देर रात किशन हलदार को एक फोन कॉल आया था, जिसके बाद वह घर से बाहर निकला लेकिन वापस नहीं लौटा। काफी देर तक जब उसका कोई पता नहीं चला तो परिवार और स्थानीय लोगों ने उसकी तलाश शुरू की। बाद में महेशपुर के बागानपाड़ा इलाके में, उसके घर से लगभग 500 मीटर दूर, किशन का शव बरामद किया गया।

घटनास्थल से एक बड़ा चाकू भी बरामद हुआ, जिससे आशंका जताई जा रही है कि हत्या बेहद क्रूर तरीके से किसी धारदार हथियार, संभवतः चापड़ या बड़े चाकू से की गई। पुलिस का कहना है कि हमले में किशन के दो साथी भी घायल हुए हैं, जिनका इलाज कराया जा रहा है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

इस हत्याकांड के बाद इलाके में तनाव तेजी से फैल गया। सूचना मिलते ही पुलिस और केंद्रीय बल मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया गया। शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शिकायत में किशन के पड़ोसी गोलाम हलदार और उसके बेटे सुमन हलदार का नाम सामने आया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की साजिश कैसे रची गई और घटना के पीछे वास्तविक वजह क्या थी।

हालांकि मृतक किशन हलदार को भाजपा समर्थक बताया जा रहा है, लेकिन भाजपा ने स्वयं इस घटना को राजनीतिक हत्या मानने से इनकार किया है। पार्टी का कहना है कि यह मामला इलाके के कुछ युवकों के बीच हुए विवाद से जुड़ा प्रतीत होता है और आरोपियों का किसी राजनीतिक दल से संबंध नहीं है। इसके बावजूद, राज्य में चुनाव के बाद लगातार बढ़ रही हिंसक घटनाओं के बीच इस हत्या ने राजनीतिक माहौल को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।

पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि एक युवक को इतनी निर्ममता से मौत के घाट उतार दिया गया। मालदा की यह घटना अब केवल एक हत्या का मामला नहीं रह गई है, बल्कि यह राज्य में बढ़ते तनाव और कानून-व्यवस्था पर उठते सवालों का बड़ा प्रतीक बनती जा रही है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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