विरार हत्याकांड: 21 साल बाद प्रयागराज से गिरफ्तार हुआ मुख्य आरोपी
पत्नी के साथ हुए दुष्कर्म का बदला लेने के लिए आरोपी ने 2005 में दोस्त की हत्या की थी। क्राइम ब्रांच ने यूपी से उसे गिरफ्तार कर लिया है।

प्रयागराज में पुलिस अधिकारियों के साथ खड़ा हत्या का आरोपी (नीचे बैठा हुआ)।
विरार: विरार पुलिस स्टेशन अंतर्गत 21 वर्षों से अनसुलझा पड़ा एक सनसनीखेज हत्याकांड का मामला आखिरकार सुलझ गया है। क्राइम ब्रांच वसई यूनिट 2 ने अपनी चपलता दिखाते हुए पत्नी के साथ हुए दुष्कर्म का बदला लेने के लिए दोस्त की हत्या करने वाले आरोपी को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया है।
घटना का विवरण देते हुए पुलिस ने बताया कि 27 दिसंबर 2005 को विरार पश्चिम स्थित किला रोड, अर्नाला बंदरपाड़ा निवासी रत्नाकर शंकर चव्हाण ने अपने छोटे चचेरे भाई दिलीप तुकाराम चव्हाण (30) की अज्ञात व्यक्ति द्वारा हत्या किए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। हत्यारे ने दिलीप के सिर पर किसी भारी वस्तु से प्रहार कर उसकी जान ले ली थी और सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को भाटीबंदर चिखल डोंगरी की झाड़ियों में फेंक दिया था। उस समय विरार पुलिस द्वारा की गई गहन जांच के बावजूद हत्यारे का कोई सुराग हाथ नहीं लगा था।
हाल ही में कमिश्नर निकेत कौशिक ने इस लंबित मामले की समानांतर जांच कर हत्यारे को जल्द से जल्द पकड़ने का आदेश क्राइम ब्रांच वसई यूनिट 2 को दिया। डीसीपी संदीप डोईफोड़े और एसीपी मदन बल्लाल के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक अविराज कुराडे, सानाप पाटिल, संजय नवले, रवींद्र पवार, मनोज मोरे, चंदन मोरे, प्रफुल्ल पाटिल, प्रशांत कुमार ठाकुर, सचिन पाटिल, जगदीश गोवारी, राहुल करपे, अक्षय बांगर, संतोष चव्हाण व साइबर सेल की टीम ने मामले की जड़ों तक पहुंचने के लिए छानबीन शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और गहन जांच में यह खुलासा हुआ कि हत्यारा मृतक का ही दोस्त था और मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला है।
आरोपी की पहचान राजेश सुरेश सोनकर (41) के रूप में हुई, जो अपराध के समय 20 वर्ष का था। टीम ने उत्तर प्रदेश पुलिस के सहयोग से प्रयागराज जिला अंतर्गत तलोंगाज मनोरी, पुरमुप्ती से राजेश को धरदबोचा। पूछताछ में आरोपी ने दिलीप तुकाराम चव्हाण की हत्या की बात कबूल कर ली है।
हत्या के कारणों का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि आरोपी राजेश और मृतक तुकाराम एक ही होटल में साथ काम करते थे और घनिष्ठ मित्र थे। आरोपी ने बताया कि तुकाराम ने अपने एक सहयोगी के साथ मिलकर राजेश की पत्नी के साथ दुष्कर्म किया था। पत्नी से आपबीती सुनने के बाद राजेश गुस्से से भर गया और उसने दोस्त को सबक सिखाने की साजिश रची। वह अपने गांव से एक देशी कट्टा लेकर आया था। 27 दिसंबर 2005 को तुकाराम को घर में अकेला पाकर राजेश वहां पहुंचा। उसने कट्टे से गोली चलाने का प्रयास किया, लेकिन कट्टा न चलने पर उसने उसी कट्टे से तुकाराम के सिर पर कई प्रहार कर उसकी निर्मम हत्या कर दी। अपराध को अंजाम देने के बाद राजेश पहले 5-6 साल लखनऊ में रहा और फिर पिछले 15 वर्षों से प्रयागराज में ई-रिक्शा चलाकर अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। 21 वर्षों से पुलिस की आंखों में धूल झोंकने वाले इस खूनी को गिरफ्तार कर क्राइम ब्रांच ने न्याय की दिशा में एक बड़ी सफलता प्राप्त की है।

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