उत्तर प्रदेश: भदोही में 14 साल बाद बेनकाब हुआ जालसाज शिक्षक, जानें कैसे एक गुप्त जांच ने बिगाड़ा इस 'फर्जी' शिक्षक का खेल
भदोही में फर्जी डिग्री के सहारे 14 साल तक सरकारी शिक्षक बना रहा शख्स गिरफ्तार। शिक्षा विभाग की जांच में खुला बड़ा भर्ती घोटाला।

भदोही फ़र्ज़ी शिक्षक
क्या हुआ?
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में एक बड़ा शिक्षा घोटाला सामने आया है। पुलिस ने एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय के सहायक शिक्षक को गिरफ्तार किया है, जिसने फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी हासिल की थी। आरोपी शिक्षक करीब 14 साल तक सरकारी सेवा में बना रहा, लेकिन हालिया विभागीय जांच में उसकी पोल खुल गई।
पुलिस के शुरुआती इनपुट:
- शिक्षक ने नियुक्ति के समय फर्जी डिग्री और प्रमाणपत्र जमा किए
- डिग्री सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के नाम पर बनाई गई थी
- विभागीय सत्यापन में दस्तावेज़ पूरी तरह जाली पाए गए
आरोपी की पहचान:
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी की पहचान इस रूप में की है:
- नाम: शैलेंद्र कुमार
- पद: सहायक शिक्षक
- तैनाती: सरकारी प्राथमिक विद्यालय, कालिका मवैया
- विकासखंड: डीघ, भदोही
- सेवा अवधि: लगभग 14 वर्ष
घटना की सूचना:
शिक्षा विभाग द्वारा चलाए जा रहे रिकॉर्ड वेरिफिकेशन अभियान के दौरान नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज़ों की दोबारा जांच की गई। इसी प्रक्रिया में आरोपी शिक्षक के प्रमाणपत्र संदिग्ध पाए गए, जिसके बाद उच्च अधिकारियों को सूचना दी गई और जांच आगे बढ़ाई गई।
जांच व पुलिस कार्रवाई:
दस्तावेज़ फर्जी पाए जाने के बाद शिक्षा विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए:
- आरोपी की सेवा समाप्त की
- अक्टूबर 2025 में FIR दर्ज कराई
- पुलिस ने तकनीकी और स्थानीय इनपुट के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की
अब तक की प्रमुख कार्रवाई:
- नियुक्ति फाइल और प्रमाणपत्र जब्त
- विश्वविद्यालय से डिग्री की पुष्टि
- आरोपी को कटरा बाजार क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया
जांच का ऐंगल — कैसे पास हुए फर्जी दस्तावेज़?
अब जांच का फोकस सिर्फ आरोपी तक सीमित नहीं है।
पुलिस इन बिंदुओं पर काम कर रही है:
- फर्जी प्रमाणपत्रों को सत्यापित किसने किया?
- भर्ती प्रक्रिया में किस स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत हुई
- क्या इस नेटवर्क में अन्य शिक्षक या अधिकारी भी शामिल हैं
कानूनी पहलू:
मामले में आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
लागू धाराएं:
- IPC 420 — धोखाधड़ी
- IPC 468 — फर्जी दस्तावेज़ बनाना
- IPC 471 — फर्जी दस्तावेज़ का उपयोग
आगे की प्रक्रिया:
- चार्जशीट की तैयारी
- अन्य संदिग्ध नियुक्तियों की समीक्षा
- शिक्षा विभाग की आंतरिक जांच
मुख्य बिंदु एक नज़र में:
- मामला: फर्जी दस्तावेज़ों से शिक्षक की नौकरी
- आरोपी: शैलेंद्र कुमार
- स्थान: भदोही, उत्तर प्रदेश
- सेवा अवधि: 14 साल
- गिरफ्तारी: कटरा बाजार क्षेत्र
- कार्रवाई: नौकरी समाप्त + FIR + गिरफ्तारी
अपडेट:
आगे की जांच में जैसे ही:
- अन्य आरोपियों की पहचान
- विभागीय कार्रवाई
- चार्जशीट दाखिल
खबर को तुरंत अपडेट किया जाएगा।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
