अमेरिका: इलिनोइस मंदिर हमले की साजिश पर 105 सांसदों का FBI को पत्र
ऑरोरा के श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर पर हमले की साजिश की हेट क्राइम एंगल से जांच की मांग, 19 वर्षीय नियो-नाजी आरोपी गिरफ्तार।

ऑरोरा के श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर परिसर और हमले का आरोपी एलेक्जेंड्रोस।
अमेरिका के इलिनोइस राज्य के ऑरोरा स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी (बालाजी) मंदिर पर कथित गोलीबारी और हमले की साजिश को लेकर 105 अमेरिकी सांसदों ने संघीय जांच ब्यूरो (FBI) से हेट क्राइम के एंगल से जांच करने की मांग की है। नियो-नाजी विचारधारा से जुड़े एक 19 वर्षीय आरोपी की गिरफ्तारी के बाद सांसदों ने भारत-विरोधी, हिंदू-विरोधी और दक्षिण एशियाई समुदाय के खिलाफ बढ़ती नस्लीय नफरत पर गंभीर चिंता जताई है।
भारतीय-अमेरिकी कांग्रेस सदस्य राजा कृष्णमूर्ति के नेतृत्व में सांसदों के इस समूह ने मंगलवार को FBI निदेशक कश पटेल को पत्र लिखकर मामले की संघीय स्तर पर हेट क्राइम के तौर पर जांच करने की मांग की। सांसदों के अनुसार, नस्लीय नफरत, धार्मिक स्थल को निशाना बनाने और बड़े पैमाने पर हिंसा की कथित तैयारी के मामले में व्यापक संघीय कार्रवाई जरूरी है।
घटना के समय मंदिर में मौजूद थे राजा कृष्णमूर्ति
11 अक्टूबर को जब कथित हमले की साजिश सामने आई और आरोपी को गिरफ्तार किया गया, उस समय राजा कृष्णमूर्ति अपने परिवार के साथ श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना कर रहे थे। सांसदों ने अपने पत्र में नस्लीय नफरत, धार्मिक स्थल और बड़े पैमाने पर हिंसा की तैयारी को गंभीर मामला बताते हुए व्यापक संघीय कार्रवाई की मांग की।
इस पत्र पर समर्थन देने वाले सांसदों में इलिनोइस हाउस के सभी डेमोक्रेटिक प्रतिनिधि, कांग्रेस के सभी भारतीय-अमेरिकी सदस्य और सीनेटर डिक डर्बिन, टैमी डकवर्थ, एंडी किम तथा क्रिस वैन होलेन शामिल हैं।
19 वर्षीय एलेक्जेंड्रोस पैपोराकिस गिरफ्तार
इस कथित साजिश के सिलसिले में 11 अक्टूबर को 19 वर्षीय एलेक्जेंड्रोस पैपोराकिस को गिरफ्तार किया गया था। अभियोजकों के अनुसार, आरोपी ने मंदिर के बाहर एक व्यक्ति पर गोली चलाने की कोशिश की थी, लेकिन ऐन वक्त पर उसकी राइफल जाम हो गई।
खुद को नाजी विचारधारा का समर्थक मानने वाले पैपोराकिस ने आठ पन्नों का एक घोषणापत्र भी लिखा था। इसमें हिंदू पूजा स्थल पर भारतीय मूल के लोगों को निशाना बनाने का उल्लेख था। जांचकर्ताओं ने उसके पास से एक राइफल, सैकड़ों कारतूस, बॉडी आर्मर यानी सुरक्षा कवच और श्वेत वर्चस्ववादी सामग्री बरामद की है।
अमेरिका में दक्षिण एशियाई लोगों के खिलाफ ऑनलाइन नफरत पर चिंता
मंदिर पर कथित हमले की जांच को हेट क्राइम के तौर पर करने की मांग ऐसे समय उठी है, जब अमेरिका में दक्षिण एशियाई लोगों को निशाना बनाकर ऑनलाइन नफरत फैलाने की घटनाओं को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।
सितंबर 2026 की एक रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच सोशल मीडिया मंच ‘X’ पर दक्षिण एशियाई लोगों के खिलाफ 5,42,000 से अधिक हेट पोस्ट दर्ज की गईं। जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच ऐसी नफरत भरी पोस्ट की मासिक संख्या में लगभग 240 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
कार्नेगी एंडोमेंट के सर्वे के मुताबिक, 2025 की शुरुआत से अब तक 48 प्रतिशत भारतीय-अमेरिकियों को ऑनलाइन नस्लवादी पोस्ट का सामना करना पड़ा है, जबकि हर चौथे व्यक्ति को अपमानजनक शब्दों से संबोधित किया गया।
FBI से 29 अक्टूबर तक लिखित जवाब की मांग
105 सांसदों के समूह ने FBI को 29 अक्टूबर तक का समय देते हुए कई अहम सवालों पर लिखित जवाब मांगा है। सांसदों ने पूछा है कि क्या मामले की जांच में नस्लीय, जातीय और धार्मिक पूर्वाग्रहों को ध्यान में रखा जा रहा है। उन्होंने यह भी जानना चाहा है कि क्या आरोपी को किसी ऑनलाइन मंच या अन्य संदिग्ध व्यक्तियों से मदद मिली थी।
इसके अलावा, सांसदों ने संवेदनशील और संभावित रूप से निशाना बनाए जा सकने वाले धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए स्थानीय एजेंसियों के साथ खुफिया जानकारी साझा करने की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने FBI से यह भी पूछा है कि क्या उसके पास हिंदू-विरोधी और दक्षिण एशियाई-विरोधी पूर्वाग्रहों से जुड़े खतरों से निपटने के लिए पर्याप्त भाषा विशेषज्ञ, कर्मचारी और संसाधन हैं।
सांसदों ने FBI से सभी संबंधित सबूतों की जांच करने, अपराध के लिए उचित कार्रवाई करने और प्रभावित समुदायों की सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी देने का आग्रह किया है। अब मामले में संघीय जांच की दिशा और धार्मिक स्थलों तथा दक्षिण एशियाई समुदाय की सुरक्षा को लेकर FBI का जवाब महत्वपूर्ण होगा।

Pratahkal Bureau
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