उत्तर प्रदेश में आतंकवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने आजमगढ़ जिले के एक 22 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है, जिस पर पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क के लिए काम करने और युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने का गंभीर आरोप है। जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी न केवल आतंकी नेटवर्क के प्रभाव में आ चुका था, बल्कि उसे एक महिला राजनीतिक नेता की हत्या जैसे खतरनाक मिशन के लिए भी तैयार किया जा रहा था।

गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान मोहम्मद शेख के रूप में हुई है, जो आजमगढ़ जिले के निजामाबाद थाना क्षेत्र के खुदादादपुर गांव का रहने वाला है। दसवीं तक पढ़ाई कर चुके मोहम्मद शेख का नाम ATS की उस जांच के दौरान सामने आया, जिसमें पाकिस्तान स्थित हैंडलरों द्वारा भारतीय युवाओं को सोशल मीडिया के माध्यम से कट्टरपंथी बनाने और आतंकी गतिविधियों में शामिल करने की साजिश का खुलासा हुआ था।

ATS के अनुसार, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) और विभिन्न आतंकी संगठनों के सहयोग से पाकिस्तानी गैंगस्टर शाहजाद भट्टी का नेटवर्क भारत के युवाओं तक पहुंचने का प्रयास कर रहा था। एजेंसी का आरोप है कि इस नेटवर्क का उद्देश्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए भारतीय युवाओं से संपर्क स्थापित करना, उन्हें कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित करना और बाद में उन्हें स्लीपर सेल के रूप में इस्तेमाल करना था।

इलेक्ट्रॉनिक और भौतिक निगरानी के दौरान ATS को मोहम्मद शेख की गतिविधियों पर संदेह हुआ। जांच में सामने आया कि वह पाकिस्तान और दुबई से जुड़े मोबाइल नंबरों के जरिए संचालित व्हाट्सएप और सोशल मीडिया अकाउंट्स के संपर्क में था। एजेंसी का दावा है कि आरोपी पूरी तरह नेटवर्क की विचारधारा से प्रभावित हो चुका था और ‘जिहाद’ से संबंधित चर्चाओं में सक्रिय रूप से भाग ले रहा था। इतना ही नहीं, वह अपने परिचितों और क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी इस नेटवर्क से जोड़ने और गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रेरित कर रहा था।

ATS ने यह भी आरोप लगाया है कि मोहम्मद शेख को सीधे तौर पर पाकिस्तानी गैंगस्टर शाहजाद भट्टी और उसके कथित सहयोगियों अजमल गुर्जर तथा रजा पाकिस्तानी द्वारा संचालित किया जा रहा था। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी को संगठन में बड़े स्तर पर शामिल किए जाने से पहले एक ‘ट्रायल मिशन’ सौंपा गया था। इस मिशन के तहत उसे दूसरे राज्य की एक महिला राजनीतिक नेता को धमकी देने और बाद में उसकी हत्या करने के लिए उकसाया गया था।

जांच में यह भी सामने आया कि मोहम्मद शेख ने कथित तौर पर इस मिशन को अंजाम देने की तैयारी शुरू कर दी थी। ATS के मुताबिक, उसने एक 9 एमएम पिस्तौल और चार जिंदा कारतूस की व्यवस्था कर ली थी और उसे सौंपे गए दायित्व को पूरा करने के लिए खुद को तैयार कर रहा था। एजेंसी का कहना है कि आरोपी अपने इलाके में और युवाओं की भर्ती करने का भी प्रयास कर रहा था, जिससे नेटवर्क का प्रभाव और विस्तार किया जा सके।

गिरफ्तारी के बाद ATS ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), शस्त्र अधिनियम तथा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल एजेंसी उससे पूछताछ कर रही है और उसके संपर्कों, नेटवर्क तथा संभावित सहयोगियों की पहचान करने में जुटी हुई है।

यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब कुछ ही दिनों पहले उत्तर प्रदेश ATS और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने सहारनपुर में पाकिस्तान से जुड़े एक कथित स्लीपर सेल का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उन पर भी सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और भर्ती करने के आरोप लगे थे। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या मोहम्मद शेख का संबंध उस मॉड्यूल से भी था।

उत्तर प्रदेश में हुई यह कार्रवाई एक बार फिर इस बात को रेखांकित करती है कि सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को निशाना बनाने वाले अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क किस तरह सक्रिय हैं। सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह गिरफ्तारी न केवल एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है, बल्कि यह देश की आंतरिक सुरक्षा के खिलाफ रची जा रही संभावित साजिशों को समय रहते विफल करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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