ट्विशा शर्मा मौत मामले में मुख्य आरोपी पति समर्थ सिंह को लेकर भोपाल पहुंची पुलिस, सीबीआई संभालेगी जांच की कमान|
मॉडल ट्विशा शर्मा मौत मामले में सात दिन की रिमांड पर लिए गए पति समर्थ सिंह के घर से पुलिस ने सीलबंद लिफाफे में अहम सबूत जुटाए।

भोपाल में मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में मुख्य आरोपी पति समर्थ सिंह को अपनी कस्टडी में लेकर बाहर निकलती पुलिस टीम।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में देश भर की सुर्खियां बने हाईप्रोफाइल मॉडल व एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा मौत मामले में पुलिस की तफ्तीश तेज हो गई है. स्थानीय पुलिस की एक विशेष जांच टीम देर रात इस संवेदनशील मामले के मुख्य आरोपी और मृतका के पति समर्थ सिंह को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उसके कटारा हिल्स स्थित निवास स्थान पर लेकर पहुंची. भारी पुलिस बल और स्थानीय मीडिया कर्मियों की सघन मौजूदगी के बीच जांच दल ने घटनास्थल पर करीब आधा घंटा बिताया और बंद कमरे के भीतर आरोपी से गहन पूछताछ की. इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने घटना से जुड़े कतिपय महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य भी घटना स्थल से एकत्र किए हैं. इस बड़े घटनाक्रम के बीच यह आधिकारिक जानकारी भी सामने आई है कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) इस पूरे मामले की कमान अपने हाथों में लेने जा रही है, जिसके लिए नई दिल्ली स्थित मुख्यालय से एक विशेष दस्ता भोपाल के लिए रवाना हो चुका है.
यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया था जब नोएडा की रहने वाली पेशेवर मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. ट्विशा का विवाह कुछ ही महीनों पूर्व भोपाल के एक रसूखदार परिवार में कार्यरत अधिवक्ता समर्थ सिंह से हुआ था. आरोपी की माता गिरिबाला सिंह न्यायपालिका से सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं, जिसके कारण इस मामले को शुरुआत से ही बेहद हाईप्रोफाइल माना जा रहा था. ससुराल पक्ष के रसूख के कारण जांच प्रभावित न हो, इसके लिए मृतका के मायके वालों यानी माता-पिता और भाइयों ने लगातार न्याय की गुहार लगाई. उन्होंने ससुराल पक्ष के सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है कि शादी के बाद से ही ट्विशा को लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था और उसे आत्महत्या करने के लिए मानसिक रूप से उकसाया गया था. इस मानसिक तनाव के चलते ट्विशा अपने ससुराल के कमरे में फंदे से लटकी पाई गई थी, जिसके बाद शव का अंतिम संस्कार भी लंबी कानूनी प्रक्रियाओं के कारण करीब तेरह दिनों के उपरांत ही संभव हो सका.
विधिक और प्रशासनिक मोर्चे पर इस मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह देश के न्यायिक इतिहास का संभवतः पहला ऐसा अनूठा मामला बन गया है जिसकी एक ही दिन देश की तीन अलग-अलग शीर्ष अदालतों में एक साथ सुनवाई की गई. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर स्वतः संज्ञान लिया था. इसके अतिरिक्त, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट और भोपाल की जिला अदालत में भी पीड़ित परिवार द्वारा दायर की गई अलग-अलग विशेष याचिकाओं पर एक साथ समानांतर रूप से विस्तृत सुनवाई की गई. तीनों स्तर की अदालतों से मिल रही न्यायिक निगरानी के बीच स्थानीय पुलिस प्रशासन पर निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई करने का भारी दबाव था, जिसके चलते भोपाल की जिला अदालत ने आरोपी पति समर्थ सिंह को पूछताछ के लिए सात दिनों की पुलिस रिमांड पर सौंपा है.
सोमवार देर शाम जब भोपाल पुलिस की टीम सात दिनों की पुलिस रिमांड पर लिए गए आरोपी समर्थ सिंह को लेकर कटारा हिल्स स्थित उसके निवास पर क्राइम सीन रीक्रिएशन और सबूतों के संकलन के लिए पहुंची, तो वहां अत्यधिक गहमा-गहमी की स्थिति निर्मित हो गई थी. पुलिस कर्मियों ने सुरक्षा कारणों से मुख्य द्वार को बंद कर भीतर सघन तलाशी अभियान चलाया. जब पुलिस की गाड़ियां आरोपी को लेकर वापस थाने की ओर रवाना हुईं, तब अधिकारियों के हाथों में कई सील बंद लिफाफे देखे गए. विधिक सूत्रों के अनुसार, इन लिफाफों में घटना से जुड़े कुछ अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य या सुसाइड नोट से जुड़े सुराग सुरक्षित किए गए हैं जो कोर्ट में अभियोजन पक्ष के मामले को मजबूती प्रदान करेंगे. अब जबकि सीबीआई की टीम इस मामले की डायरी और साक्ष्यों को अपने नियंत्रण में लेने वाली है, इस पूरे मामले का राष्ट्रीय स्तर पर पारदर्शी पटाक्षेप होने की उम्मीद बढ़ गई है.

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
