कलयुगी पिता और साले का खौफनाक चेहरा ; बड़वानी मर्डर मिस्ट्री में आरोपियों के कबूलनामे ने उड़ाए होश
बड़वानी के राजपुर थाना क्षेत्र में करम सिंह सेनानी की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें पिता समेत पांच करीबी रिश्तेदार गिरफ्तार किए गए। ₹15 हजार के विवाद में रची गई साजिश, जंगल में हत्या और शव छिपाने की पूरी कहानी पुलिस जांच में उजागर हुई।

बड़वानी हत्याकांड
मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के राजपुर थाना क्षेत्र में सामने आया करम सिंह सेनानी हत्याकांड केवल एक अपराध नहीं, बल्कि पारिवारिक रिश्तों के भीतर पनपते लालच और अविश्वास की भयावह तस्वीर है। जिस व्यक्ति को अपने सबसे करीबी लोगों पर भरोसा था, वही भरोसा उसकी मौत का कारण बन गया। यह मामला न सिर्फ एक सुनियोजित हत्या की कहानी है, बल्कि यह भी दिखाता है कि मामूली रकम के लिए इंसान किस हद तक गिर सकता है।
घटनाओं की कड़ी:
- 24 दिसंबर: करम सिंह घर से निकला और लापता हुआ
- 27 दिसंबर: पत्नी द्वारा गुमशुदगी की रिपोर्ट
- 2 जनवरी: पुलिया के नीचे शव बरामद
- जांच के दौरान: रिश्तेदारों की भूमिका उजागर
- गिरफ्तारी: पांच आरोपी हिरासत में, न्यायिक प्रक्रिया शुरू
पुलिस के अनुसार, करम सिंह सेनानी की हत्या पूरी योजना के तहत की गई। घटनाक्रम की शुरुआत उस दिन हुई जब करम सिंह को घागरखेड़ा बुलाया गया। वह इस बुलावे के पीछे की मंशा से अनजान था। यहां से उसे चिंदी घाट मंदिर के पीछे स्थित जंगल क्षेत्र में ले जाया गया। यह स्थान जानबूझकर चुना गया था, ताकि वहां कोई गवाह न हो और वारदात को अंजाम देना आसान हो सके। जंगल में पहुंचते ही करम सिंह पर हमला किया गया। पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या में पत्थरों और चाकू का इस्तेमाल किया गया। हमलावरों ने यह सुनिश्चित किया कि वह जीवित न बचे। हत्या के बाद शव को छिपाने के लिए उसे एक पुलिया के पाइप (कल्वर्ट) के अंदर डाल दिया गया, ताकि पहचान और बरामदगी में देरी हो सके। आरोपियों को लगा कि इस तरह वे कानून की नजरों से बच निकलेंगे।
हालांकि, राजपुर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। सुरागों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए लोगों में मृतक का पिता सोमरिया सेनानी, साला सीताराम, सीताराम के चचेरे भाई शोभाराम और भाया राम, तथा राधेश्याम चौहान शामिल हैं। सभी आरोपी सेंधवा ग्रामीण क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। जांच के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए पूरी साजिश का खुलासा किया।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल जब्त कर ली है। सभी आरोपियों को बुधवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में साक्ष्य मजबूत हैं और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।
जांच में सामने आया कि हत्या के पीछे पैसों का विवाद मुख्य कारण था। आंकड़े भी बताते हैं कि भारत में संपत्ति, जमीन और संसाधनों से जुड़े विवाद हत्या जैसे गंभीर अपराधों का एक बड़ा कारण रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र कार्यालय ऑन ड्रग्स एंड क्राइम (UNODC) की 2019-2021 की रिपोर्ट के अनुसार, देश में 16.8 प्रतिशत हत्याएं प्राकृतिक संसाधनों, संपत्ति या जमीन से जुड़े विवादों के कारण हुईं। करम सिंह सेनानी का मामला इसी कड़वी सच्चाई का एक और उदाहरण बनकर सामने आया है।
यह घटना न केवल एक व्यक्ति की जान जाने की कहानी है, बल्कि यह उस परिवार के लिए भी एक स्थायी त्रासदी है, जिसमें एक पत्नी का सुहाग उजड़ गया और कई रिश्ते हमेशा के लिए अपराध और सजा के दायरे में कैद हो गए। राजपुर क्षेत्र में यह हत्याकांड आज भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है, जो रिश्तों, भरोसे और लालच के खतरनाक टकराव की याद दिलाता है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
