तेलंगाना के शादनगर और मक्तल के वन क्षेत्रों में संरक्षित वन्यजीवों के अवैध शिकार के एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए गोलकुंडा टास्क फोर्स और वन विभाग की संयुक्त टीम ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई उस समय सामने आई जब जांच में यह खुलासा हुआ कि यह गिरोह लंबे समय से जंगलों में सक्रिय था और लगातार वन्यजीवों का शिकार कर रहा था।

जांच के अनुसार, आरोपियों ने कई घटनाओं में हिरण, मोर जो भारत का राष्ट्रीय पक्षी है जंगली सूअर, खरगोश, बटेर और कबूतर जैसे संरक्षित वन्यजीवों को निशाना बनाया। शिकार के लिए एयर गन और अन्य हथियारों का इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस ने बताया कि इस पूरी गतिविधि का वीडियो रिकॉर्ड भी बनाया जाता था और बाद में आरोपी मांस का सेवन करते थे।


पुलिस ने इस मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं 2(35), 9, 52, 39, 51 और 56 के तहत मामला दर्ज किया है। सभी आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए वन रेंज अधिकारी, हैदराबाद ईस्ट रेंज को सौंप दिया गया है। यह मामला वन्यजीव संरक्षण और अवैध शिकार के खिलाफ जारी सख्त कार्रवाई की गंभीरता को उजागर करता है।


इस मामले में मोहम्मद मुजफ्फर हुसैन, मिर अहमद आमिर, अब्दुल्ला बिन सहैन, मसूद बिन मोहम्मद, सऊद बिन मोहम्मद बलब और कवाली शेख को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से मुजफ्फर हुसैन को इस पूरे गिरोह का कथित सरगना बताया जा रहा है, जबकि कवाली शेख स्थानीय स्तर पर सूचनाएं उपलब्ध कराकर शिकार स्थलों की पहचान में मदद करता था। वहीं, मिर अहमद आमिर, जो तेलंगाना राइफल एसोसिएशन से जुड़े एक लाइसेंसी शूटर हैं, पर अपने लाइसेंस का दुरुपयोग कर शिकार अभियानों में हथियार ले जाने का आरोप है।

पुलिस और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में चार एयर गन, एक लाइसेंसी स्पोर्टिंग राइफल जिसमें 20 जिंदा कारतूस थे, एक स्कॉर्पियो वाहन, आठ मोबाइल फोन और एयरगन पेलेट्स बरामद किए गए हैं। जब्त संपत्ति की कुल कीमत लगभग आठ लाख रुपये आंकी गई है। जांच में यह भी सामने आया कि यह गिरोह जनवरी 2025 से फरवरी 2026 के बीच एक साल से अधिक समय तक मक्तल वन क्षेत्र में सक्रिय रहा। शिकार के बाद वन्यजीवों के अवशेषों को जुराला बैकवाटर नहर में फेंक दिया जाता था, जबकि कुछ मामलों में हिरण का मांस मुजफ्फर के घर के रेफ्रिजरेटर से भी बरामद किया गया।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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