रिश्तों की हदें हुई पार ; दिल्ली में 11 साल की मासूम में साथ पिता ने किया दुष्कर्म, रोहिणी कोर्ट ने सुनाई ये सजा
दिल्ली के रोहिणी कोर्ट ने 11 वर्षीय बेटी से दुष्कर्म के दोषी पिता को उम्रकैद की सजा दी। POCSO केस में बुआ की भूमिका और ₹10.5 लाख मुआवजा भी सामने आया।

दिल्ली रोहिणी कोर्ट
क्या हुआ?
दिल्ली में एक बेहद संवेदनशील और झकझोर देने वाले मामले में 37 वर्षीय एक पिता को अपनी 11 वर्षीय नाबालिग बेटी से बार-बार दुष्कर्म करने के अपराध में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। यह मामला दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में चला, जहां अदालत ने इसे “पिता-पुत्री जैसे सबसे पवित्र रिश्ते के साथ गंभीर विश्वासघात” करार दिया। अदालत ने कहा कि आरोपी ने अपने अभिभावक होने के दायित्व को कुचलते हुए बच्ची को गहरे मानसिक आघात में धकेल दिया।
पुलिस और कोर्ट के शुरुआती इनपुट:
- आरोपी पिता को POCSO एक्ट और संबंधित धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया
- पीड़िता को मानसिक पीड़ा के लिए ₹10.5 लाख की मुआवजा राशि दी गई
- पिता की बहन के संभावित शामिल होने की जांच भी चल रही है
- अपराध की प्रकृति: संरक्षक द्वारा नाबालिग के खिलाफ यौन अपराध
पीड़िता की जानकारी:
- पुलिस और कोर्ट ने पीड़िता के पहचान का खुलासा सुरक्षित रखा है। शुरुआती जानकारी:
- नाम: सुरक्षित रखा गया
- उम्र: 11 वर्ष
- रहवास: दिल्ली
- मानसिक स्थिति: लंबे समय तक पीड़ा झेल रही
जांच व पुलिस कार्रवाई:
रोहिणी कोर्ट ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई। पुलिस ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए निम्न कार्रवाई की:
- आरोपी पिता और परिवार के अन्य सदस्यों की पूछताछ
- फोरेंसिक और मेडिकल रिपोर्ट जांच
- पीड़िता और परिवार के करीबी से बयान
- बहन की कथित भागीदारी की जांच
“कोर्ट ने इसे पिता-पुत्री के सबसे पवित्र रिश्ते का गंभीर उल्लंघन बताया,” — अदालत का बयान
कानूनी पहलू:
मुकदमा दर्ज:
- POCSO Act — नाबालिग के खिलाफ संरक्षक द्वारा यौन अपराध
- IPC की प्रासंगिक धाराएँ — Aggravated Sexual Assault
आगे की प्रक्रिया:
- पीड़िता के मानसिक स्वास्थ्य का लंबी अवधि का समर्थन
- बहन की संभावित हिस्सेदारी की पूरी जांच
- दोषी के खिलाफ जीवन भर की सजा का पालन
मुख्य बिंदु एक नजर में:
- आरोपी: 37 वर्षीय पिता, दिल्ली
- पीड़िता: 11 वर्षीय बेटी
- स्थान: रोहिणी कोर्ट ट्रायल
- सजा: उम्रकैद + ₹10.5 लाख मुआवजा
- अपराध: संरक्षक द्वारा नाबालिग का यौन शोषण
- जांच: POCSO + IPC + संभावित बहन की हिस्सेदारी
अपडेट:
- जैसे ही बहन की हिस्सेदारी और अन्य कानूनी कार्रवाई की पुष्टि होगी, खबर अपडेट की जाएगी।
- गिरफ्तारी और सजा की पुष्टि
- बहन की जांच और कोर्ट में आगे की कार्रवाई

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
