रांची पुलिस का 'महा-ऑपरेशन': गायब हो रहे बच्चों के पीछे था अंगों की तस्करी का रैकेट, आरोपी गिरफ्तार
रांची के जगन्नाथपुर में बच्चों के अपहरण और अवैध अंग तस्करी रैकेट का भंडाफोड़, अंतरराज्यीय गिरोह, आरोपी गिरफ्तार, कई बच्चे रेस्क्यू।

क्या हुआ?
रांची के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र में बच्चों के अपहरण और अवैध अंग तस्करी से जुड़े एक संगठित गिरोह का खुलासा होने से पूरे झारखंड में हड़कंप मच गया। रांची पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह कमजोर और असहाय बच्चों को अगवा कर उन्हें दूसरे राज्यों में बेचता था।
पुलिस के शुरुआती इनपुट:
- बच्चों का अपहरण कर उनके अंग निकालकर बेचे जाने के संकेत
- अंगों की तस्करी पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश तक
- बच्चों से जबरन मोबाइल चोरी और छोटे अपराध कराए जाते थे
- किशोरियों को यौन शोषण और देह व्यापार में धकेला गया
मुख्य आरोपी की पहचान:
पुलिस ने इस रैकेट के एक प्रमुख आरोपी की पहचान की है:
- नाम: सूरज रावनी
- निवास: पुरुलिया, पश्चिम बंगाल
- भूमिका: अपहृत बच्चों की खरीद-फरोख्त और शोषण
पुलिस के अनुसार, आरोपी बच्चों को खरीदकर अलग-अलग आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल करता था।
घटना की सूचना:
इस पूरे रैकेट का खुलासा तब हुआ जब जगन्नाथपुर इलाके से लापता बच्चों की लगातार शिकायतें सामने आईं। सूचना मिलने पर पुलिस ने छापेमारी शुरू की और अंतरराज्यीय कनेक्शन उजागर हुए।
जांच व पुलिस कार्रवाई:
जगन्नाथपुर थाना पुलिस और एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट द्वारा संयुक्त जांच जारी है।
अब तक की प्रमुख कार्रवाइयाँ:
- कई आरोपियों की गिरफ्तारी
- अपहृत बच्चों (अंश और अंशिका सहित) को सुरक्षित रेस्क्यू
- पश्चिम बंगाल, बिहार व यूपी पुलिस से समन्वय
- विशेष जांच टीम (SIT) का गठन
- पुराने गुमशुदगी मामलों की दोबारा जांच
“यह एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह है, जिसकी जड़ें कई राज्यों में फैली हैं,” — पुलिस अधिकारी
गिरोह का तरीका — कैसे फंसाए जाते थे बच्चे?
जांच में सामने आया है कि गिरोह:
- गरीब परिवारों को झूठे वादों में फंसाता था
- बच्चों को काम दिलाने का लालच देता था
- अपहरण के बाद पहचान छिपाकर उन्हें इधर-उधर भेज देता था
- विरोध करने पर हिंसा और धमकी देता था
कानूनी पहलू:
मामले में गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है:
- IPC — अपहरण व मानव तस्करी
- अवैध अंग प्रत्यारोपण निषेध अधिनियम
- POCSO एक्ट (नाबालिगों के यौन शोषण से जुड़े मामलों में)
आगे की प्रक्रिया:
- अंतरराज्यीय नेटवर्क की मैपिंग
- अन्य पीड़ित बच्चों की पहचान
- कोर्ट में चार्जशीट की तैयारी
मुख्य बिंदु एक नज़र में:
- स्थान: जगन्नाथपुर, रांची
- अपराध: बाल अपहरण और अंग तस्करी
- आरोपी: सूरज रावनी (पुरुलिया, WB)
- पीड़ित: नाबालिग बच्चे
- कार्रवाई: रेस्क्यू + गिरफ्तारियाँ
- जांच: अंतरराज्यीय SIT
आगे क्या?
पुलिस का दावा:
- पूरे नेटवर्क का खुलासा जल्द
- अन्य राज्यों से और गिरफ्तारियाँ संभव
- पीड़ित परिवारों की काउंसलिंग और पुनर्वास
- जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी
- नए खुलासे और गिरफ्तारी
- केस में अपडेट जारी रहेगा

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
