झालो की मंदार के युवक (मुंबई प्रवासी) का आरोप: नाथद्वारा पुलिस ने रिश्वत न मिलने पर की फर्जी कार्रवाई
मुंबई के व्यवसायी ने नाथद्वारा में तैनात पुलिसकर्मी वीरेंद्र सिंह और अन्य पर जबरन हिरासत में लेने और मानसिक प्रताड़ना देने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की।

मुंबई । राजसमंद जिले के श्रीनाथजी थाना के कुछ पुलिसकर्मियों पर कथित रूप से अवैध वसूली, धमकाने, मानसिक प्रताड़ना और गलत पुलिस कार्रवाई करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। मुंबई निवासी विनय सुरेश जैन ने राजस्थान पुलिस महानिदेशक (DGP) को शिकायत भेजकर श्रीनाथजी थाना में तैनात पुलिसकर्मी वीरेंद्र सिंह एवं उसके साथ शामिल अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर विभागीय और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
शिकायत की प्रतिलिपि राजसमंद पुलिस अधीक्षक, मुख्यमंत्री कार्यालय जयपुर, प्रधानमंत्री कार्यालय दिल्ली तथा मानवाधिकार आयोग दिल्ली को भी भेजी गई है।
शिकायतकर्ता के अनुसार 16 मई 2026 की रात वह अपने पारिवारिक सदस्य युग जैन निवासी गांव गुड़ा, वायु जैन निवासी गांव गुड़ा तथा गुणवंत जैन निवासी झालो की मंदार के साथ इनोवा गाड़ी से नाथद्वारा की ओर जा रहे थे। इस दौरान नाथद्वारा के समिप पुलिस वाहन में मौजूद श्रीनाथ जी पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मी वीरेंद्र सिंह ने उनकी गाड़ी को रोककर दस्तावेज जांचे। आरोप है कि सभी वैध दस्तावेज दिखाने के बावजूद पुलिसकर्मियों ने अभद्र व्यवहार करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी तथा पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर रिश्वत की मांग की।
शिकायत में कहा गया है कि रिश्वत देने से इनकार करने पर पुलिसकर्मियों ने “तुम्हारा इलाज थाना में होगा” कहकर धमकाया और जबरन श्रीनाथ जी थाने ले गए। वहां मोबाइल फोन बंद करवा दिए गए तथा परिवार से संपर्क तक नहीं करने दिया गया।
विनय जैन ने आरोप लगाया कि वीरेंद्र सिंह अकेला नहीं था, बल्कि उसके साथ अन्य तीन पुलिसकर्मी भी शामिल थे, जिन्होंने मिलकर डराने-धमकाने और मानसिक दबाव बनाने का काम किया। शिकायत के अनुसार पुलिसकर्मियों ने झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी और बाद में शांति भंग (धारा 151) के तहत कार्रवाई कर गिरफ्तारी दर्शाई, जिसे शिकायतकर्ता ने पूरी तरह गलत, दुर्भावनापूर्ण और दबाव बनाने के उद्देश्य से की गई कार्रवाई बताया है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने किसी प्रकार का विवाद या कानून व्यवस्था भंग नहीं की थी, इसके बावजूद पुलिस ने दबाव बनाने के लिए शांति भंग की कार्रवाई की। इससे पुलिस कार्यप्रणाली और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
शिकायत में यह भी आशंका जताई गई है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो कुछ पुलिसकर्मी वर्दी की आड़ में आम नागरिकों और नाथद्वारा आने वाले पर्यटकों के साथ अवैध वसूली, डराने-धमकाने और गलत कार्रवाई जैसी घटनाओं को अंजाम देते रहेंगे।
विनय जैन ने मामले की निष्पक्ष जांच कर CCTV फुटेज, ड्यूटी रजिस्टर और पुलिस वाहन की जानकारी के आधार पर सभी संबंधित पुलिसकर्मियों की पहचान कर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही अवैध हिरासत, रिश्वत मांगने, मानसिक प्रताड़ना, मोबाइल फोन छीनने तथा गलत तरीके से शांति भंग की कार्रवाई करने के आरोपों में FIR दर्ज करने की भी मांग उठाई गई है। इस मामले में जैन समाज के प्रतिनिधि आगामी दिनों में मुंबई आने वाले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मिलकर दोषी पुलिसकर्मियों की शिकायत करेंगे।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
