हनीमून मर्डर केस में बड़ा मोड़ ; आखिर क्यों शिलॉन्ग कोर्ट ने सोनम रघुवंशी को दी जमानत
शिलॉन्ग कोर्ट ने राजा रघुवंशी हनीमून मर्डर केस में आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत दी। चौथी जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान गिरफ्तारी दस्तावेजों में गंभीर प्रक्रियात्मक त्रुटियां सामने आने के बाद अदालत ने राहत प्रदान की। मामला 2025 की चर्चित हत्या से जुड़ा है।

राजा रघुवंशी (दाएं) और सोनम रघुवंशी (बाएं)
शिलॉन्ग में चर्चित राजा रघुवंशी ‘हनीमून मर्डर’ मामले में एक अहम कानूनी मोड़ सामने आया है, जब अदालत ने आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत प्रदान कर दी। यह फैसला मामले में कई महीनों से चल रही न्यायिक प्रक्रिया और लगातार दायर की जा रही जमानत याचिकाओं के बाद आया है, जिसने इस हाई-प्रोफाइल केस को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।
जानकारी के अनुसार, अतिरिक्त जिला उपायुक्त (न्यायिक) डैशलिन आर खारब्तेंग की अदालत ने सोनम रघुवंशी की चौथी जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उसे मंजूरी दी। सोनम पिछले कई महीनों से न्यायिक हिरासत में थी और उस पर अपने पति राजा रघुवंशी की मेघालय में हनीमून के दौरान कथित हत्या में संलिप्त होने का आरोप है। यह मामला अपने शुरू होने के बाद से ही राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
अदालत के समक्ष रखे गए तथ्यों और दस्तावेजों में गंभीर प्रक्रियात्मक त्रुटियां सामने आईं, जिन्होंने फैसले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अदालत ने पाया कि गिरफ्तारी के “सूचना पत्र” (Intimation of Grounds of Arrest) में कई खामियां थीं। दस्तावेज में चेकबॉक्स खाली पाए गए और साथ ही उसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गलत धारा का उल्लेख भी किया गया था। इन अनियमितताओं को अदालत ने आरोपी के कानूनी अधिकारों के उल्लंघन के रूप में गंभीरता से लिया।
इन्हीं प्रक्रियात्मक त्रुटियों के आधार पर अदालत ने सोनम रघुवंशी को जमानत देने का निर्णय लिया, हालांकि यह स्पष्ट किया गया कि यह राहत केवल न्यायिक प्रक्रिया के तहत दी गई है और इसका प्रभाव चल रहे मुकदमे पर नहीं पड़ेगा। अदालत द्वारा जमानत के साथ कुछ शर्तें भी निर्धारित की गई हैं और उम्मीद है कि वह जल्द ही जेल से रिहा हो जाएगी, जबकि मामला आगे भी न्यायालय में विचाराधीन रहेगा।
गौरतलब है कि यह मामला 2025 में उस समय सामने आया था जब मेघालय में हनीमून के दौरान राजा रघुवंशी की हत्या का आरोप सामने आया। इस घटना ने पूरे देश में सनसनी फैला दी थी। सोनम रघुवंशी को इस मामले में मुख्य आरोपी माना गया है, जबकि अन्य सह-आरोपियों के खिलाफ भी अलग-अलग कानूनी कार्यवाही जारी है।
इस जमानत निर्णय ने जहां एक ओर कानूनी प्रक्रिया की गंभीरता और दस्तावेजी पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं दूसरी ओर यह संकेत भी दिया है कि मामले की सुनवाई आगे और महत्वपूर्ण मोड़ ले सकती है। अब सभी की नजरें इस बहुचर्चित केस की आगामी सुनवाई और अंतिम न्यायिक निष्कर्ष पर टिकी हैं।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
