पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा को ED ने ₹100 करोड़ GST मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया। फर्जी इनवॉइस, नकली ITC, FEMA जांच और ₹157 करोड़ की संपत्ति कुर्की से जुड़ा यह मामला राजनीतिक हलचल पैदा कर रहा है, जिसमें AAP और केंद्र सरकार आमने-सामने हैं।

देश की राजनीति और जांच एजेंसियों के बीच टकराव एक बार फिर उस समय गहरा गया जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब के उद्योग मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक संजीव अरोड़ा को एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई कथित तौर पर लगभग ₹100 करोड़ के जीएसटी घोटाले और फर्जी इनवॉइसिंग से जुड़े नेटवर्क की जांच के दौरान की गई है, जिसने पूरे राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है।

जानकारी के अनुसार, यह मामला फर्जी जीएसटी खरीद-बिक्री, नकली इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) और शेल कंपनियों के माध्यम से अवैध धन के लेन-देन से जुड़ा है। ED का दावा है कि मोबाइल फोन की फर्जी खरीद और निर्यात के जरिए विदेशों, विशेषकर दुबई से अवैध धन को भारत में “राउंड ट्रिप” किया गया।

यह कार्रवाई उस समय और भी महत्वपूर्ण हो गई जब ED ने 17 अप्रैल को FEMA के तहत संजीव अरोड़ा और उनसे जुड़ी संस्थाओं पर छापेमारी करते हुए हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड और संबंधित कंपनियों की लगभग ₹157.12 करोड़ की चल-अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क किया था। एजेंसी का आरोप है कि इन संपत्तियों का उपयोग संदिग्ध लेन-देन और फर्जी निर्यात गतिविधियों में किया गया।

ताजा कार्रवाई के तहत ED की टीम सुबह लगभग 7 बजे चंडीगढ़ के सेक्टर-2 स्थित मंत्री आवास पर पहुंची और 7:25 बजे से तलाशी अभियान शुरू किया। इस दौरान करीब 20 वाहनों में एजेंसी के अधिकारी पहुंचे, जबकि सुरक्षा व्यवस्था के लिए तीन दर्जन से अधिक CIA और विशेष बलों के जवान तैनात किए गए। इसके साथ ही दिल्ली की दो जगहों और गुरुग्राम के उद्योग विहार स्थित हैम्पटन स्काई रियल्टी के कार्यालयों पर भी छापेमारी की गई।

सूत्रों के अनुसार, यह पूरा मामला धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत दर्ज नई एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें आरोप है कि दिल्ली की फर्जी कंपनियों के जरिए नकली जीएसटी बिल बनाए गए और करोड़ों रुपये का अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल किया गया। संजीव अरोड़ा, जो लुधियाना वेस्ट से AAP विधायक हैं और पूर्व में राज्यसभा सांसद भी रह चुके हैं, ने पहले इस जांच में सहयोग का आश्वासन दिया था और कहा था कि सच्चाई सामने आएगी। वर्ष 2024 में भी ED ने उनके खिलाफ औद्योगिक भूमि के कथित दुरुपयोग मामले में छापेमारी की थी।

इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि ED की कार्रवाई से पंजाब के हर घर में चर्चा है और केंद्र सरकार एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसे विपक्षी दलों के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों के “हथियार” के रूप में इस्तेमाल बताया। हालांकि, ED की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि जांच ठोस सबूतों और वित्तीय अनियमितताओं पर आधारित है। इस पूरे मामले ने पंजाब की राजनीति में नया तनाव पैदा कर दिया है, जहां एक ओर जांच एजेंसियों की सक्रियता बढ़ी है, वहीं दूसरी ओर इसे राजनीतिक प्रतिशोध के रूप में भी देखा जा रहा है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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