ज्ञान बिंदु एकेडमी के निदेशक के भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध मौत के बाद खान सर ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।

पटना स्थित ज्ञान बिंदु एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद के छोटे भाई प्रिंस यादव की नेपाल के एक होटल में हुई संदिग्ध मौत ने पूरे शैक्षणिक जगत और उनके समर्थकों को स्तब्ध कर दिया है। इस दुखद घटना के बाद मशहूर शिक्षक खान सर उर्फ फैजल खान ने सामने आकर परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। खान सर ने न केवल शोकाकुल परिवार को हर संभव सहायता देने का ठोस आश्वासन दिया है, बल्कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन से एक निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की भी पुरजोर मांग की है।

प्रिंस यादव की मौत की परिस्थितियों को अत्यंत संवेदनशील बताते हुए खान सर ने एक वीडियो संदेश जारी किया है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम पर संदेह व्यक्त करते हुए कहा कि एक स्वस्थ युवक की इस तरह अचानक हुई मृत्यु कई गंभीर सवाल खड़े करती है। खान सर ने पुलिस प्रशासन से अपील की है कि वे घटना के हर पहलू की बारीकी से जांच करें। विशेष रूप से, उन्होंने इस बात पर बल दिया है कि घटना के समय वहां मौजूद लोगों की भूमिका और उन 'दोस्तों' की पहचान की जाए जो उस वक्त प्रिंस के साथ थे। उन्होंने सीधे तौर पर आशंका जताई कि क्या इस मौत के पीछे कोई गहरी साजिश है, जिसे एक हादसे का रूप देने की कोशिश की गई है।

खान सर ने अपने वीडियो में इस बात पर भी असंतोष जताया कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा इस निजी त्रासदी को बेवजह तूल दिया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला किसी सुरक्षाकर्मी (गार्ड) से संबंधित एक छोटा सा विवाद था, जिसे आपसी बातचीत से सुलझाया जा सकता था। हालांकि, बाद में कुछ बाहरी तत्वों ने हस्तक्षेप कर मामले को विकृत कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप यह दुखद त्रासदी सामने आई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरी घटना में किसी तीसरे व्यक्ति या पक्ष की संलिप्तता होने की पूरी संभावना है, जो पर्दे के पीछे से साजिश रच रहा था।

दिवंगत प्रिंस यादव को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए खान सर ने कहा कि इस घड़ी में वे रौशन आनंद के परिवार के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं। उन्होंने न्याय की मांग करते हुए कहा कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाना चाहिए और उन्हें कठोरतम सजा मिलनी चाहिए। खान सर ने जनता से भी अपील की है कि वे इस कठिन समय में परिवार के प्रति सहानुभूति रखें और सच्चाई को सामने लाने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन पर पारदर्शी तरीके से कार्रवाई करने का दबाव बनाएं।

अंत में, खान सर ने पूरे घटनाक्रम की तह तक जाने के लिए एक आधिकारिक बयान जारी करने और मामले की पारदर्शी जांच की मांग दोहराई है। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि जांच सही दिशा में और निष्पक्षता से होती है, तो असली गुनहगार जल्द ही कानून के शिकंजे में होंगे। इस पूरे प्रकरण ने न केवल एक परिवार को झकझोर दिया है, बल्कि कोचिंग जगत में सुरक्षा और संदिग्ध परिस्थितियों को लेकर एक गंभीर बहस भी छेड़ दी है। अब सभी की निगाहें नेपाल पुलिस की जांच रिपोर्ट और इस मामले में होने वाली अगली आधिकारिक कार्रवाई पर टिकी हैं।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

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