कंधमाल में नक्सल ऑपरेशन; नक्सल नेता गणेश और तीन साथियों की गोलीबारी में मौत
ओड़िशा के कंधमाल जिले में 25 दिसंबर, 2025 को सुरक्षा बलों ने वरिष्ठ नक्सल नेता गणेश उइके और उनके तीन साथियों को मार गिराया। यह संयुक्त ऑपरेशन नक्सल गतिविधियों पर बड़ा हमला साबित हुआ और स्थानीय सुरक्षा पर सकारात्मक असर डाला।

ओड़िशा में नक्सल हिंसा पर लगाम
ओड़िशा के कंधमाल जिले में 25 दिसंबर, 2025 को एक विशेष पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों का संयुक्त ऑपरेशन नक्सलवाद के खिलाफ एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। यह ऑपरेशन विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर संचालित किया गया, जिसमें प्रमुख नक्सल नेता गणेश उइके और उनके तीन साथियों को सुरक्षा बलों ने मार गिराया।
गणेश उइके, जो बैन किए गए सीपीआई (माओवादी) के केंद्रीय समिति के वरिष्ठ सदस्य थे, ओड़िशा में नक्सल गतिविधियों के शीर्ष कमांडर के रूप में जाने जाते थे। उनके सिर पर लगभग ₹1.1 करोड़ का इनाम घोषित था, जो उनके खतरनाक और संगठित नक्सल नेटवर्क का संकेत देता था। उनके मारे जाने से राज्य और क्षेत्रीय सुरक्षा एजेंसियों को नक्सलियों के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
ऑपरेशन में ओड़िशा पुलिस का स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप, सीआरपीएफ, और बीएसएफ ने भाग लिया। गहन खुफिया जुटान और रणनीतिक योजना के बाद यह कार्रवाई की गई। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, गणेश उइके की मौजूदगी की जानकारी मिलने पर सुरक्षा बलों ने तेजी से इलाके को घेरकर उन्हें पकड़ने का प्रयास किया। लेकिन माओवादी हथियारबंद प्रतिरोध के दौरान सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच भारी गोलीबारी हुई, जिसमें गणेश उइके और उनके तीन अन्य साथियों की मृत्यु हो गई।
सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई नक्सलियों के संगठन और उनकी स्थानीय इकाइयों पर एक बड़ा धक्का है। गणेश उइके को मार गिराने के साथ ही कई योजनाओं और हथियारों का जखीरा भी बरामद किया गया, जिससे स्थानीय सुरक्षा हालात को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, यह ऑपरेशन नक्सलियों के खतरनाक नेटवर्क को कमजोर करने और क्षेत्रीय जनता में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाने के लिए भी निर्णायक माना जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि इस ऑपरेशन में किसी भी नागरिक को नुकसान नहीं पहुंचा और यह पूरी तरह से पेशेवर और संगठित तरीके से संपन्न हुआ। राज्य सरकार ने इस कार्रवाई को राज्य और केंद्र सरकार के लिए सुरक्षा प्रयासों में एक ऐतिहासिक सफलता बताया।
विशेषज्ञों के अनुसार, गणेश उइके का सफाया केवल एक व्यक्ति को मारने की घटना नहीं है, बल्कि यह ओड़िशा और पड़ोसी राज्यों में माओवादी गतिविधियों पर एक बड़ा प्रभाव डालने वाला कदम है। इससे नक्सलियों के रणनीतिक ढांचे में कमजोरी आएगी और भविष्य में इस क्षेत्र में अपराध और हिंसा की संभावनाएं कम हो सकती हैं।
इस ऑपरेशन ने न केवल नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में सुरक्षा बलों की तत्परता और क्षमताओं को प्रदर्शित किया है, बल्कि आम जनता के लिए भी यह एक संदेश है कि कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे ऐतिहासिक घटनाक्रमों से यह स्पष्ट होता है कि नक्सलियों के खात्मे की दिशा में राज्य और केंद्र सरकार दृढ़ता से कार्यरत हैं।
- ओड़िशा में नक्सल नेता गणेश उइके की हत्याOdisha naxal leader Ganesh Uike killedकंधमाल नक्सल ऑपरेशन 2025Kandhamal Naxal operation 2025ओड़िशा पुलिस और CRPF ऑपरेशनOdisha Police CRPF Naxal encounterगणेश उइके और साथी ढेरGanesh Uike and 3 cadres killedओड़िशा माओवादी नेता मारे गएOdisha Maoist leader killedनक्सलवाद पर बड़ा झटका ओड़िशाBig blow to Naxalism Odishaकेंद्रीय सुरक्षा बलों का नक्सल ऑपरेशनCentral forces Naxal operationनक्सलियों के हथियार बरामदNaxal weapons seized Odishaओड़िशा नक्सल हिंसा नियंत्रणNaxal violence control Odisha25 दिसंबर 2025 नक्सल ऑपरेशन25 Dec 2025 Naxal encounter Odishaओड़िशा में माओवादी संगठन कमजोरMaoist network weakened Odishaसुरक्षा बलों की ऐतिहासिक सफलताSecurity forces historic successनक्सल समस्या समाधान ओड़िशाNaxal problem solution Odishaकंधमाल जिले में नक्सल मुठभेड़Kandhamal district Naxal encounterpratahkal newspratahkal daily

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
