मुजफ्फरनगर में बाल सुरक्षा और मानव तस्करी रोकने को पुलिस की मासिक गोष्ठी
एसपी क्राइम की अध्यक्षता में हुई बैठक में पॉक्सो एक्ट, बाल श्रम और मिशन शक्ति अभियान की समीक्षा कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

मुजफ्फरनगर में एसपी क्राइम की अध्यक्षता में बाल सुरक्षा और मानव तस्करी की रोकथाम को लेकर हुई समीक्षा बैठक।
मुजफ्फरनगर में महिला एवं बाल सुरक्षा को मजबूत बनाने और बच्चों के शोषण तथा मानव तस्करी जैसी गंभीर गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने संबंधित विभागों के साथ समन्वय बढ़ाने की पहल की है। शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक अपराध इन्दु सिद्धार्थ की अध्यक्षता में आयोजित मासिक गोष्ठी में पॉक्सो अधिनियम, बाल श्रम, मानव तस्करी, बाल विवाह और बाल संरक्षण से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई। बैठक में संबंधित अधिकारियों को कानून के प्रावधानों के अनुरूप कार्रवाई करने और विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
गोष्ठी में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) की टीम, जनपद के सभी थानों में तैनात बाल कल्याण अधिकारी तथा विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। बैठक में बाल सुरक्षा से जुड़े कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, बाल अपराधों की रोकथाम, मानव तस्करी पर अंकुश और मिशन शक्ति अभियान के तहत की जा रही कार्रवाई की व्यापक समीक्षा की गई। एसपी क्राइम इन्दु सिद्धार्थ ने सभी संबंधित अधिकारियों को इन मामलों में गंभीरता से कार्रवाई करने और आपसी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।
बच्चों के शोषण और अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश
बैठक में बच्चों के विरुद्ध होने वाले गंभीर अपराधों और उनके अधिकारों की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। पॉक्सो अधिनियम और किशोर न्याय अधिनियम के तहत आने वाले मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कानूनी प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। बाल अपचारियों से संबंधित मामलों में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करने और बच्चों के संरक्षण से जुड़े प्रकरणों को संवेदनशीलता के साथ निपटाने पर विशेष जोर दिया गया।
बच्चों के शोषण, उत्पीड़न अथवा असुरक्षित परिस्थितियों में पाए जाने से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेने के निर्देश भी दिए गए। ऐसे मामलों में स्थानीय पुलिस, बाल कल्याण अधिकारियों और अन्य संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया, ताकि प्रभावित बच्चों को समय पर उचित संरक्षण मिल सके।
बाल श्रम और भिक्षावृत्ति रोकने पर विशेष जोर
मासिक गोष्ठी में बाल श्रम और भिक्षावृत्ति की रोकथाम पर भी चर्चा हुई। संबंधित विभागों को अपने स्तर पर प्रभावी कार्रवाई करने और आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए। छोटे बच्चों को जबरन श्रम में लगाने, उनसे भीख मंगवाने और उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।
अधिकारियों को स्पष्ट किया गया कि बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में कार्रवाई केवल कागजी औपचारिकताओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। अन्य संबंधित विभागों के सक्रिय सहयोग से प्रभावी कदम उठाने और बच्चों को किसी भी प्रकार के शोषण से बचाने के लिए अपनी विभागीय जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करने के निर्देश दिए गए।
मानव तस्करी की रोकथाम के लिए विभागीय तालमेल पर जोर
बैठक में मानव तस्करी की रोकथाम को प्रमुख मुद्दे के रूप में शामिल किया गया। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की भूमिका और संबंधित विभागों के बीच समन्वय के महत्व पर विस्तार से चर्चा हुई। मानव तस्करी से जुड़े मामलों में समय पर कार्रवाई करने, पीड़ितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कानूनी प्रक्रिया का सख्ती से पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
पुलिस अधीक्षक अपराध इन्दु सिद्धार्थ ने निर्देश दिए कि महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों में सभी संबंधित विभाग आपसी तालमेल के साथ काम करें। जिन प्रकरणों में अन्य विभागों की भूमिका महत्वपूर्ण हो, उनमें तत्काल समन्वय स्थापित कर उचित कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ित व्यक्तियों को समय पर आवश्यक सहायता और संरक्षण मिल सके।
बाल विवाह, कोटपा अधिनियम और साइबर टिपलाइन की भी समीक्षा
गोष्ठी में बाल विवाह की रोकथाम और कोटपा अधिनियम के तहत की जाने वाली कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को संबंधित कानूनी प्रावधानों के अनुरूप कदम उठाने और विभागों के बीच लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
महिला एवं बाल सुरक्षा के लिए संचालित मिशन शक्ति अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अभियान को जमीनी स्तर पर अधिक प्रभावी बनाने, महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता बरतने तथा सुरक्षा संबंधी प्रयासों को मजबूत करने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही साइबर टिपलाइन और बाल संरक्षण से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं में सूचना तंत्र तथा कार्रवाई की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि संबंधित सूचनाओं को गंभीरता से लें और जरूरत पड़ने पर अन्य विभागों के सहयोग से कार्रवाई आगे बढ़ाएं।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और प्रतिनिधियों की भागीदारी
मासिक गोष्ठी में एएचटीयू टीम के अलावा अभियोजन अधिकारी प्रवीण तिवारी, बाल कल्याण समिति के सदस्य संदीप कुमार, चाइल्ड लाइन संस्था से सचिन कुमार, वन स्टॉप सेंटर से पूजा नरौला, श्रम विभाग से संदीप कुमार तथा सीएमओ कार्यालय से डॉ. अर्पण जैन ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इनके साथ फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. अजय और जनपद के सभी थानों में तैनात बाल कल्याण अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।
विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों की भागीदारी का उद्देश्य बाल सुरक्षा, महिला सुरक्षा और मानव तस्करी की रोकथाम से जुड़े मामलों में संयुक्त प्रयासों को मजबूत करना रहा। बैठक के अंत में पुलिस अधीक्षक अपराध इन्दु सिद्धार्थ ने सभी संबंधित अधिकारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता से पालन करने और बाल संरक्षण से जुड़े प्रत्येक मामले में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गोष्ठी में दिए गए निर्देशों के केंद्र में बच्चों को शोषण से बचाना, पीड़ितों को समय पर संरक्षण उपलब्ध कराना और संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करना रहा।

Pratahkal Bureau
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