हरिद्वार के शांत माने जाने वाले रणिपुर–गढ़ मेरपुर इलाके में 18 जनवरी 2025 की रात जो हुआ, उसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। 21 वर्षीय लैब टेक्नीशियन वसीम की गोली मारकर हत्या कर दी गई। शुरुआती तौर पर यह एक “ब्लाइंड मर्डर” बनकर रह गया, लेकिन लगभग 11 महीने की लंबी और जटिल जांच के बाद पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए एक होमगार्ड कांस्टेबल को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, मृतक वसीम एक निजी लैब में काम करता था और उस रात वह अपने रोजमर्रा के काम से लौट रहा था। तभी अज्ञात हमलावर ने उसे निशाना बनाते हुए गोली चला दी। मौके पर ही वसीम की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। स्थानीय लोगों की भीड़ और तनावपूर्ण माहौल के बीच पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और जांच शुरू की।

शुरुआत में इस मामले में कोई प्रत्यक्ष गवाह नहीं मिला। न ही घटनास्थल से ऐसे ठोस सुराग हाथ लगे, जिनसे आरोपी तक तुरंत पहुंचा जा सके। महीनों तक पुलिस अलग-अलग एंगल से जांच करती रही, लेकिन मामला उलझा रहा। इसी वजह से यह हत्या लंबे समय तक रहस्य बनी रही और पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई।

जांच में निर्णायक मोड़ तब आया जब पुलिस ने इलाके के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की दोबारा गहन समीक्षा की और मोबाइल कॉल डिटेल्स तथा डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया। तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस को कुछ अहम कड़ियां मिलीं, जो धीरे-धीरे आरोपी तक पहुंचने लगीं। अंततः 22 दिसंबर 2025 को पुलिस ने 32 वर्षीय होमगार्ड कांस्टेबल अभिमन्यु सिंह, जिसे अभिमन्यु के नाम से भी जाना जाता है, को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ के दौरान सामने आया कि हत्या के पीछे कथित प्रेम त्रिकोण की कहानी थी। पुलिस का कहना है कि अभिमन्यु का एक महिला सहकर्मी से संबंध था, जिनसे वसीम का भी संपर्क बताया जा रहा है। इसी को लेकर आरोपी के मन में शक और गुस्सा पनप रहा था। यह तनाव धीरे-धीरे हिंसा में बदल गया और अंततः उसने वसीम की हत्या कर दी।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार और अन्य संबंधित साक्ष्य भी बरामद किए हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश कर कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में सभी पहलुओं की गहराई से जांच की गई और तकनीकी साक्ष्यों ने अहम भूमिका निभाई।

यह मामला न केवल एक युवक की असमय मौत की कहानी है, बल्कि यह भी दिखाता है कि व्यक्तिगत रिश्तों में उपजा शक और आक्रोश किस तरह भयावह अपराध का रूप ले सकता है। लगभग एक साल बाद इस हत्याकांड का खुलासा होने से पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद बंधी है, वहीं पुलिस की लंबी और धैर्यपूर्ण जांच ने एक बार फिर यह साबित किया है कि कानून से बच पाना आसान नहीं।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

Next Story