मामूली झगड़े ने ले ली 22 साल के युवक की जान ; जानें क्यों मुंबई लोकल में चाक़ू गोदकर हुई मयंक की हत्या
मुंबई लोकल ट्रेन में भारी बारिश के दौरान दरवाजा बंद करने को लेकर हुए विवाद ने दर्दनाक मोड़ ले लिया। विरार निवासी 22 वर्षीय सेल्समैन मयंक लोहार की चलती ट्रेन में कथित तौर पर चाकू मारकर हत्या कर दी गई। अंधेरी से घर लौट रहे मयंक पर हुए हमले ने मुंबई लोकल की सुरक्षा व्यवस्था और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुंबई के लोकल ट्रैन में सेल्समेन मयंक लोहार की हत्या
मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन में एक साधारण घर वापसी का सफर उस समय दर्दनाक त्रासदी में बदल गया, जब 22 वर्षीय सेल्समैन मयंक लोहार की कथित तौर पर चलती ट्रेन में चाकू मारकर हत्या कर दी गई। भारी बारिश के दौरान ट्रेन के दरवाजे को बंद करने को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि एक युवा की जान चली गई। इस घटना ने न केवल मुंबई को झकझोर दिया है, बल्कि महानगर की उपनगरीय रेलवे व्यवस्था में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।
मयंक लोहार, जो विरार के निवासी थे और अंधेरी में एक सेल्समैन के रूप में कार्यरत थे, 23 जून की रात अपनी ड्यूटी समाप्त करने के बाद घर लौट रहे थे। वह चर्चगेट–नालासोपारा फास्ट लोकल ट्रेन के प्रथम श्रेणी डिब्बे में सफर कर रहे थे। उस रात मुंबई में लगातार तेज बारिश हो रही थी और ट्रेन के खुले दरवाजे से बारिश का पानी डिब्बे के भीतर आ रहा था।
पुलिस के अनुसार, इसी बात को लेकर यात्रियों के बीच बहस शुरू हुई कि ट्रेन का दरवाजा खुला रखा जाए या बंद किया जाए। मयंक भी इस विवाद में शामिल हो गए। बोरीवली जीआरपी के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दत्ताराय खुपेरकर के अनुसार, मयंक ने रात 10 बजकर 42 मिनट पर अंधेरी स्टेशन से ट्रेन में सवार हुए थे। ट्रेन के अंधेरी और बोरीवली स्टेशन के बीच पहुंचने पर दरवाजा बंद करने को लेकर दो यात्रियों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। भीड़ अधिक होने के कारण दोनों व्यक्ति ट्रेन के दरवाजे के पास खड़े थे और देखते ही देखते यह बहस हिंसक झड़प में बदल गई।
बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान आरोपी ने अचानक एक धारदार हथियार निकाला और मयंक लोहार के पेट में वार कर दिया। चलती ट्रेन के भीतर हुई इस घटना से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। गंभीर रूप से घायल मयंक अत्यधिक रक्तस्राव का शिकार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पूरा घटनाक्रम कुछ ही क्षणों में घटित हुआ और सहयात्री स्तब्ध रह गए।
घटना के बाद घायल मयंक को तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस बीच आरोपी मौके से फरार हो गया और पुलिस के पहुंचने से पहले ही बच निकलने में सफल रहा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बोरीवली गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने हत्या का मामला दर्ज कर व्यापक जांच शुरू कर दी है। पुलिस रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, प्रत्यक्षदर्शी यात्रियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और आरोपी की गतिविधियों का पता लगाने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। जांच एजेंसियां आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।
मुंबई की लोकल ट्रेनें प्रतिदिन लाखों यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाती हैं। भीड़भाड़, सीटों को लेकर विवाद और दरवाजों के पास होने वाली बहसें यहां आम बात मानी जाती हैं, विशेषकर मानसून के दौरान। हालांकि, दरवाजा बंद करने जैसे मामूली मुद्दे पर शुरू हुआ विवाद एक युवक की हत्या तक पहुंच जाना बेहद चिंताजनक माना जा रहा है।
इस घटना ने यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था, लोकल ट्रेनों में पुलिस की मौजूदगी और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को लेकर नई बहस छेड़ दी है। मयंक लोहार की मौत ने यह सवाल फिर से सामने ला दिया है कि रोजाना लाखों लोगों को ढोने वाली मुंबई की लोकल ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए और क्या कदम उठाए जाने चाहिए। एक मामूली बहस का इस तरह जानलेवा हिंसा में बदल जाना पूरे शहर के लिए चिंता और चेतावनी का विषय बन गया है।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
