मुंबई। महानगर की अपराध शाखा ने परेल इलाके में नकली ब्रांडेड उत्पाद बेचने वाले कारोबारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार, 19 सितंबर की दोपहर क्राइम ब्रांच की टीम ने परेल स्थित रंगोली टाइम्स कॉम्प्लेक्स की तीन दुकानों पर छापा मारकर नामचीन कंपनी टाइटन की फास्टट्रैक ब्रांड की 1,374 नकली घड़ियां जब्त कीं। जब्त किए गए इस स्टॉक की अनुमानित कीमत 1.39 लाख रुपये बताई गई है।

यह कार्रवाई तब संभव हुई जब टाइटन कंपनी द्वारा कॉपीराइट और ट्रेडमार्क अधिनियम के तहत अधिकृत प्रतिनिधि गौरव तिवारी को गुप्त सूचना मिली कि परेल की कुछ दुकानों में बड़ी संख्या में नकली घड़ियां बेची जा रही हैं। इन घड़ियों पर टाइटन के लोकप्रिय ब्रांड ‘फास्टट्रैक’ का लोगो और डिज़ाइन हूबहू इस्तेमाल किया गया था, जिससे ग्राहकों को यह भ्रम हो रहा था कि वे असली उत्पाद खरीद रहे हैं। गौरव तिवारी ने इस संबंध में अपराध शाखा नियंत्रण कक्ष से संपर्क किया और लिखित शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत के आधार पर अपराध शाखा ने तुरंत कार्रवाई की और टीम ने परेल स्थित रंगोली टाइम्स कॉम्प्लेक्स में छापेमारी की। इस दौरान अक्षर टाइम्स, मदीना ट्रेडर्स और नकलिंग ट्रेडर्स नामक दुकानों में भारी मात्रा में नकली घड़ियों का स्टॉक बरामद हुआ। बरामद घड़ियों की जांच के बाद यह स्पष्ट हो गया कि सभी उत्पाद टाइटन कंपनी के असली ब्रांड के नाम पर बनाए गए नकली सामान थे।

कार्रवाई के बाद तीनों दुकानों के मालिक गेनाराम चौधरी, डोलाराम कलबी और शाकिब शेख—को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ भोईवाड़ा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि उनके खिलाफ कॉपीराइट अधिनियम और ट्रेडमार्क अधिनियम के प्रावधानों के तहत केस दर्ज किया गया है। जांच के दौरान यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नकली घड़ियां किन सप्लायर्स से लाई गईं और इनके पीछे का बड़ा नेटवर्क कौन संचालित कर रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के नकली उत्पाद न केवल उपभोक्ताओं को गुमराह करते हैं, बल्कि कंपनियों की साख और बाजार पर भी सीधा असर डालते हैं। ग्राहक महंगी कीमत चुकाकर यह सोचते हैं कि वे असली ब्रांड खरीद रहे हैं, जबकि हकीकत में उन्हें नकली सामान थमा दिया जाता है। इस तरह की गतिविधियाँ उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन हैं और ब्रांड कंपनियों को भारी आर्थिक नुकसान पहुँचाती हैं।

क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने बताया कि मुंबई जैसे बड़े बाजारों में नकली ब्रांडेड उत्पादों का कारोबार काफी फैला हुआ है। इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर फैशन एक्सेसरीज़ तक, कई वस्तुओं की नकली नकलें खुलेआम बेची जाती हैं। लेकिन टाइटन कंपनी की ओर से दर्ज कराई गई इस शिकायत पर की गई कार्रवाई से संदेश स्पष्ट है कि इस तरह के अवैध व्यापार को बख्शा नहीं जाएगा।

उपभोक्ता संगठनों ने भी इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि नकली उत्पाद खरीदने वाले ग्राहक कई बार अनजाने में धोखे का शिकार हो जाते हैं। ऐसे मामलों में न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि उत्पाद की गुणवत्ता घटिया होने से ग्राहकों का विश्वास भी टूटता है।

परेल में हुई यह छापेमारी नकली ब्रांडेड सामान के कारोबार के खिलाफ एक अहम कदम माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आगे भी ऐसे व्यापारियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और जरूरत पड़ने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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