लखनऊ से सामने आया यह दिल दहला देने वाला मामला न केवल एक पारिवारिक त्रासदी है, बल्कि समाज में मौजूद विकृत सोच का भी भयावह चेहरा उजागर करता है। एक 16 वर्षीय किशोरी, जो कक्षा 10 की छात्रा थी, कथित तौर पर अपने ही पिता की साजिश का शिकार हो गई। पुलिस जांच में यह मामला ‘ऑनर किलिंग’ का बताया जा रहा है, जिसमें पिता ने अपनी बेटी की हत्या कर उसकी पहचान मिटाने की कोशिश की।

घटना की शुरुआत 16 अप्रैल को हुई, जब पेशे से ड्राइवर विजय कुमार चौबे ने पुलिस में अपनी बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनकी नाबालिग बेटी अचानक गायब हो गई है। हालांकि, शुरुआती जांच के दौरान ही पुलिस को उनके बयान में कई विरोधाभास नजर आए। पड़ोसियों के अनुसार, लड़की को आखिरी बार दो दिन पहले अपने पिता के साथ जाते हुए देखा गया था, जो शिकायत की समयरेखा से मेल नहीं खाता था।

जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, डिजिटल फॉरेंसिक और स्थानीय खुफिया सूचनाओं ने इस मामले की परतें खोलनी शुरू कर दीं। पुलिस को पता चला कि 13 अप्रैल को विजय कुमार चौबे ने अपनी बेटी को राजस्थान ले जाने के बहाने घर से बाहर निकाला था, जहां उन्होंने कथित तौर पर ‘झाड़-फूंक’ यानी धार्मिक उपचार का हवाला दिया। इस यात्रा में उनके साथ उनका एक सहयोगी, अब्दुल मन्नान, भी शामिल था।

आरोप है कि दोनों ने मिलकर बाराबंकी के एक सुनसान इलाके में कार रोककर सो रही किशोरी का गला घोंट दिया। हत्या के बाद पहचान छिपाने के उद्देश्य से उसके चेहरे पर तेज़ाब डाल दिया गया और शव को सड़क किनारे फेंक दिया गया। यह पूरी वारदात सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई, जिससे किसी को शक न हो सके। इसी दौरान बाराबंकी पुलिस को एक अज्ञात नाबालिग लड़की का शव मिला, जिसकी पहचान करना मुश्किल था। जब लखनऊ पुलिस को इस मामले की जानकारी मिली, तो उन्होंने लड़की के कथित प्रेमी को बुलाकर शव की पहचान कराई। उसने पुष्टि की कि वह शव उसी लापता किशोरी का है।

पुलिस के अनुसार, इस जघन्य अपराध के पीछे मुख्य वजह लड़की का एक स्थानीय युवक के साथ संबंध था, जिसका पिता विरोध कर रहा था। सामाजिक प्रतिष्ठा और कथित ‘बदनामी’ के डर ने उसे इतना कठोर कदम उठाने के लिए उकसाया। जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद पिता ने खुद को बचाने के लिए पुलिस को गुमराह करने हेतु झूठी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

घटना 13 से 14 अप्रैल के बीच की बताई जा रही है और शव बाराबंकी में बरामद हुआ। इस मामले में पुलिस ने पिता विजय कुमार चौबे और उसके सहयोगी अब्दुल मन्नान को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यह घटना एक बार फिर समाज में व्याप्त ‘ऑनर किलिंग’ जैसी कुप्रथा पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जहां रिश्तों और भावनाओं से ऊपर झूठी सामाजिक प्रतिष्ठा को रखा जाता है। एक पिता द्वारा अपनी ही बेटी की हत्या न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि मानवता के मूल्यों पर भी गहरा आघात है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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