लातूर: रास्ते के विवाद में हत्या के आरोपी संग्राम डोंगरे को 7 साल की सजा
लातूर के सकोल गांव में खेत के रास्ते के विवाद में बीच-बचाव करने आए व्यक्ति की पत्थर लगने से मौत हो गई थी, जिसके बाद अदालत ने धारा 304 (2) में सजा सुनाई।

लातूर के रास्ते के विवाद में अदालत ने आरोपी संग्राम डोंगरे को सात साल की सजा सुनाई।
लातूर जिले के सकोल गांव में खेत तक जाने के रास्ते को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया था। मारपीट के दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे भगवान डोंगरे की गंभीर चोट लगने से मौत हो गई थी। इस मामले में अदालत ने संग्राम माणिक डोंगरे को गैर-इरादतन हत्या का दोषी ठहराते हुए सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पुलिस के अनुसार, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एस.बी. पवार ने मंगलवार को मामले में फैसला सुनाया। यह घटना वर्ष 2023 में महाराष्ट्र के लातूर जिले के सकोल गांव में दो परिवारों के बीच खेत तक जाने वाले रास्ते को लेकर हुए विवाद से जुड़ी है।
विवाद को सुलझाने के लिए 1 फरवरी 2023 को दोनों पक्षों के बीच बैठक भी आयोजित की गई थी, लेकिन बातचीत बेनतीजा रही। इसके बाद शिकायतकर्ता शिवलिंग डोंगरे मोटरसाइकिल से गांव की ओर जा रहे थे। इसी दौरान आरोपी विशाल डोंगरे ने संग्राम डोंगरे के खेत के पास अपने दोपहिया वाहन से उनकी मोटरसाइकिल को कथित तौर पर टक्कर मार दी।
टक्कर लगने से शिवलिंग सड़क पर गिर गए। इसके बाद उनके साथ लात-घूंसों से मारपीट की गई। इसी दौरान संग्राम डोंगरे ने कथित तौर पर उन पर पत्थर फेंका, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई।
शिवलिंग डोंगरे के साथ मारपीट की जानकारी मिलने पर उनके चाचा भगवान डोंगरे बीच-बचाव करने पहुंचे। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान उन पर भी हमला किया गया। आरोप है कि संग्राम डोंगरे की ओर से फेंका गया पत्थर भगवान डोंगरे के सिर पर लगा। गंभीर रूप से घायल भगवान डोंगरे को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। अदालत में सुनवाई के दौरान सामने आए मामले के आधार पर संग्राम माणिक डोंगरे को भारतीय दंड संहिता की धारा 304 भाग-2 के तहत गैर-इरादतन हत्या का दोषी करार दिया गया।
अदालत ने संग्राम माणिक डोंगरे को सात साल के सश्रम कारावास और 5,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं चुकाने की स्थिति में छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। खेत तक जाने के रास्ते को लेकर शुरू हुआ विवाद अंततः एक व्यक्ति की मौत और दूसरे आरोपी को कठोर सजा मिलने के साथ कानूनी फैसले तक पहुंचा।

Pratahkal Bureau
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