कानपूर बलात्कार कांड: सचेंडी में आरोपी दरोगा 'अमित मौर्य' हुआ ससपेंड, जानें कैसे दुष्कर्म में पत्रकार ने भी दिया साथ
कानपुर के सचेंडी में दारोगा अमित मौर्य पर 14 वर्षीय नाबालिग से अपहरण और गैंगरेप का आरोप, पुलिस कार्रवाई, सस्पेंशन और जांच की पूरी रिपोर्ट।

आरोपी अमित कुमार मौर्या और शिवबरण यादव
क्या हुआ? — कानपुर में दारोगा पर नाबालिग से गैंगरेप का आरोप
कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र में एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। भिमसेन पुलिस चौकी के तत्कालीन प्रभारी सब-इंस्पेक्टर अमित मौर्य पर 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के अपहरण और गैंगरेप का आरोप लगा है। आरोप है कि घटना को पुलिस मार्किंग लगी काली SUV (महिंद्रा स्कॉर्पियो) में अंजाम दिया गया।
घटना की सूचना:
- घटना सोमवार रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है
- पीड़िता देर रात घर नहीं लौटी, परिजनों ने तलाश शुरू की
- कुछ समय बाद लड़की बेहोशी की हालत में घर के बाहर मिली
- परिजनों ने सचेंडी थाने पहुंचकर पुलिस को सूचना दी
पीड़िता के साथ क्या हुआ?
पुलिस जांच और पीड़िता के बयान के अनुसार:
- पीड़िता कक्षा 7 की ड्रॉपआउट छात्रा है
- उसे स्कॉर्पियो में जबरन बैठाकर ले जाया गया
- रेलवे ट्रैक के पास सुनसान इलाके में ले जाकर
- करीब दो घंटे तक यौन उत्पीड़न किए जाने का आरोप
- बाद में उसे बेहोशी की हालत में घर के बाहर छोड़ दिया गया
आरोपी दारोगा — पोस्टिंग बनाम मौजूदगी का सवाल
जांच में सामने आया है कि:
- अमित मौर्य की आधिकारिक तैनाती बिठूर थाने में थी
- लेकिन घटना के समय वह सचेंडी क्षेत्र में मौजूद था
पीड़िता के परिवार का आरोप:
- जब उन्होंने पुलिस की संलिप्तता की बात कही
- तो शुरुआत में उन्हें थाने से लौटा दिया गया,
- जिससे कवर-अप की आशंका गहराई।
ADCP की मौके पर जांच — SUV की पहचान
बुधवार सुबह ADCP (West) कपिल देव सिंह गांव पहुंचे।
स्थानीय लोगों ने बताया कि:
- दारोगा अमित मौर्य की काली SUV सचेंडी थाने में खड़ी देखी गई थी
पुलिस कार्रवाई:
- ADCP ने पीड़िता को SUV की फोटो दिखाई
- पीड़िता ने वाहन की पहचान की पुष्टि की
सह-आरोपी की गिरफ्तारी:
मामले में पत्रकार/यूट्यूबर शिवबरण यादव की भूमिका भी सामने आई।
- पीड़िता ने उसकी पहचान की
- सचेंडी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया:
- SI अमित मौर्य को निलंबित कर दिया गया है
- उसकी गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई हैं
- फिलहाल वह फरार है
पुलिस विभाग पर कार्रवाई — किस पर गिरी गाज?
प्रशासनिक स्तर पर कड़ी कार्रवाई की गई:
- सचेंडी SHO विक्रम सिंह सस्पेंड
- प्रारंभिक FIR में POCSO एक्ट न लगाने का आरोप
- केस रिकॉर्ड में तथ्यों को गलत दर्शाने की बात सामने आई
नए दायित्व:
- दीनानाथ मिश्रा बने नए SHO
- ADCP कपिल देव सिंह को जांच की कमान
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि:
- एक DCP को तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने के आरोप में हटाया गया
लोकेशन ऐंगल — क्यों महत्वपूर्ण है कानपुर सचेंडी थाना क्षेत्र?
घटना का स्थान केवल एक भौगोलिक जानकारी नहीं, बल्कि जांच की दिशा तय करने वाला अहम पहलू बन गया है। सचेंडी थाना क्षेत्र इस मामले में कई वजहों से संवेदनशील माना जा रहा है।
वारदात का इलाका:
- कानपुर देहात और शहरी सीमा को जोड़ने वाला क्षेत्र
- हाईवे और ग्रामीण रास्तों का जंक्शन
- रात के समय कम पुलिस पेट्रोलिंग और सीमित निगरानी
सार्वजनिक आक्रोश और संवेदनशीलता:
- नाबालिग से गैंगरेप के आरोप में पुलिस अधिकारी का नाम आने से स्थानीय लोगों में गुस्सा और अविश्वास देखने को मिला।
- लोगों का कहना है कि वर्दी पर लगे आरोप पूरे सिस्टम की साख पर सवाल खड़े करते हैं।
कानूनी पहलू
मामला दर्ज:
- IPC धारा 363 — नाबालिग का अपहरण: यह धारा किसी नाबालिग को उसके अभिभावक की मर्जी के बिना ले जाने या बहकाने से जुड़ी है। कानून के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की को उसके परिवार की जानकारी या सहमति के बिना ले जाता है, तो इसे सीधा अपहरण माना जाता है।
- IPC धारा 366 — नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाना: यह धारा तब लगती है जब अपहरण का उद्देश्य महिला को यौन शोषण, जबरन संबंध या विवाह के लिए मजबूर करना हो। अगर जांच में यह साबित हो जाए कि पीड़िता को किसी गलत मंशा से उठाया गया था, तो यह अपराध और भी गंभीर माना जाता है।
- IPC धारा 376 (D) — सामूहिक बलात्कार: यह धारा गैंगरेप से जुड़ी है। यदि किसी महिला या नाबालिग के साथ एक से अधिक लोगों द्वारा बलात्कार किया जाता है, तो सभी आरोपी समान रूप से दोषी माने जाते हैं।
- POCSO अधिनियम, 2012 — नाबालिग से यौन अपराध: यह कानून 18 साल से कम उम्र के बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों से निपटने के लिए बनाया गया है। इसमें पीड़िता की पहचान गोपनीय रखने, संवेदनशील जांच, त्वरित सुनवाई और कड़ी सजा के प्रावधान हैं।
- IPC धारा 506 — धमकी देने का आरोप (यदि जांच में पुष्टि हुई): यह धारा तब लागू होती है जब आरोपी पीड़ित या उसके परिवार को धमकाकर चुप कराने या बयान बदलवाने की कोशिश करता है।
- मामला: नाबालिग से अपहरण व गैंगरेप
- आरोपी: SI अमित मौर्य (फरार)
- स्थान: सचेंडी, कानपुर
- वाहन: पुलिस मार्किंग वाली काली स्कॉर्पियो
- सह-आरोपी: शिवबरण यादव (गिरफ्तार)
- कार्रवाई: SHO सस्पेंड, जांच अधिकारी बदले
- कानून: POCSO सहित गंभीर धाराएं
आगे क्या?
पुलिस का दावा:
- जल्द गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश
- मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और CCTV की जांच
- विभागीय जांच समानांतर जारी
जैसे-जैसे:
- आरोपी की गिरफ्तारी
- चार्जशीट
- फॉरेंसिक और मेडिकल रिपोर्ट सामने आएगी, खबर अपडेट की जाएगी।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
