₹200 करोड़ मनी लॉन्ड्रिंग केस में अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस ने खुद को सरकारी गवाह बनाने की मांग की है। सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल केस में पटियाला हाउस कोर्ट ने ED से जवाब मांगा है, जिससे मामले में बड़ा कानूनी मोड़ आ सकता है।

नई दिल्ली से सामने आई इस सनसनीखेज मामले ने एक बार फिर बॉलीवुड और अपराध जगत के खतरनाक गठजोड़ को उजागर कर दिया है। ₹200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस में अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस ने अब एक बड़ा कानूनी कदम उठाते हुए खुद को ‘अप्रूवर’ यानी सरकारी गवाह बनाने की अनुमति मांगी है। इस मामले में मुख्य आरोपी कुख्यात ठग सुकेश चंद्रशेखर है, जिसके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) लंबे समय से जांच कर रहा है।

पटियाला हाउस कोर्ट ने जैकलीन की इस याचिका पर संज्ञान लेते हुए ED को नोटिस जारी किया है और 20 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने को कहा है। अगर अदालत जैकलीन की इस मांग को स्वीकार कर लेती है, तो वह इस मामले में अहम गवाही देकर जांच एजेंसियों की मदद कर सकती हैं, जिससे पूरे केस की दिशा बदल सकती है।



यह मामला वर्ष 2020–2021 के दौरान सामने आया था, जब सुकेश चंद्रशेखर ने खुद को एक बड़े सरकारी अधिकारी के रूप में पेश करते हुए दिल्ली के एक व्यवसायी की पत्नी से संपर्क किया। उसने महिला को विश्वास दिलाया कि वह उसके जेल में बंद पति को रिहा करवा सकता है। इस झांसे में आकर पीड़ित परिवार से करीब ₹200 करोड़ की भारी रकम वसूली गई। बाद में जांच में सामने आया कि यह पूरा मामला सुनियोजित धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग का हिस्सा था, जिसमें पैसे को अलग-अलग माध्यमों से घुमाकर उसकी असल पहचान छिपाई गई।

ED की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि इस अवैध धन का इस्तेमाल लग्जरी कारों, महंगे गहनों, डिजाइनर बैग और अन्य कीमती सामान खरीदने में किया गया। इसी कड़ी में जैकलीन फर्नांडिस का नाम सामने आया। जांच एजेंसियों के अनुसार, सुकेश ने जैकलीन के साथ व्यक्तिगत संबंध बनाए और उन्हें करोड़ों रुपये के महंगे तोहफे दिए, जिनमें डायमंड ज्वेलरी, लग्जरी कारें, डिजाइनर आइटम्स और नकद रकम शामिल थी। इन उपहारों की कुल कीमत 5 से 10 करोड़ रुपये से अधिक बताई जाती है।

हालांकि, जैकलीन ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि उन्हें सुकेश ने गुमराह किया और उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि यह धन अवैध गतिविधियों से जुड़ा हुआ है। वहीं, इस मामले में अभिनेत्री नोरा फतेही का नाम भी सामने आया था, जिन्हें भी कुछ उपहार मिले थे, लेकिन उन्होंने खुद को गवाह के रूप में पेश किया और दावा किया कि संदेह होने पर उन्होंने आगे किसी भी प्रकार की संलिप्तता से इनकार कर दिया।

प्रवर्तन निदेशालय ने इस पूरे मामले में मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें जैकलीन फर्नांडिस को आरोपी के रूप में नामित किया गया है। साथ ही, उनकी करोड़ों रुपये की संपत्तियां भी अटैच की जा चुकी हैं।

सुकेश चंद्रशेखर, जो मूल रूप से बेंगलुरु का निवासी है, कम उम्र से ही आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है और खुद को बड़े सरकारी अधिकारियों के रूप में पेश कर हाई-प्रोफाइल ठगी को अंजाम देता रहा है। इस मामले ने न केवल आर्थिक अपराध की गंभीरता को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि कैसे प्रभाव और ग्लैमर की दुनिया ऐसे मामलों में उलझ सकती है।

अब सभी की नजरें अदालत के आगामी फैसले पर टिकी हैं। यदि जैकलीन को अप्रूवर बनने की अनुमति मिलती है, तो यह केस एक नया मोड़ ले सकता है और पूरे रैकेट के कई और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ सकते हैं। यह मामला न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि समाज में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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