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दिल्ली पुलिस ने कैसे किया ठगी और फर्जी कॉल सेंटर्स का पर्दाफाश ; जानें 'ऑपरेशन साइबर' ने कैसे मचाया हड़कंप
By Manyaa ChaudharyPublished on
दिल्ली में अंतरराज्यीय साइबर गैंग का भंडाफोड़, डिजिटल अरेस्ट और फर्जी निवेश स्कैम से करोड़ों की ठगी, कई राज्यों में गिरफ्तारी।

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दिल्ली
क्या हुआ?
दिल्ली में सक्रिय एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश होने से देशभर में फैले डिजिटल फ्रॉड के खतरनाक पैमाने का खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस की IFSO (Intelligence Fusion & Strategic Operations) और क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई में “डिजिटल अरेस्ट”, फर्जी निवेश, लॉटरी और बैंकिंग फ्रॉड से जुड़े कई संगठित साइबर गिरोह पकड़े गए हैं। इन गिरोहों ने आम नागरिकों को फर्जी सरकारी अधिकारी बनकर डराया, वीडियो कॉल पर “गिरफ्तारी” की धमकी दी और करोड़ों रुपये ठग लिए।
पुलिस के शुरुआती इनपुट:
- डिजिटल अरेस्ट स्कैम के जरिए ₹2.19 करोड़ की ठगी
- अब तक अलग-अलग मामलों में 25 से अधिक आरोपी गिरफ्तार
- गिरोह का नेटवर्क दिल्ली, यूपी, राजस्थान, बिहार और अन्य राज्यों तक फैला
- सैकड़ों म्यूल बैंक अकाउंट्स का इस्तेमाल
प्रमुख मामलों का विवरण:
- डिजिटल अरेस्ट स्कैम — ₹2.19 करोड़: दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट ने एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया जो खुद को CBI, ED और पुलिस अधिकारी बताकर लोगों को वीडियो कॉल पर “डिजिटल अरेस्ट” करता था। अब तक 5 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
- दिल्ली-एनसीआर में फर्जी लॉटरी और लोन गिरोह: फर्जी गिफ्ट वाउचर, लॉटरी जीत और इंस्टेंट लोन के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के 12 सदस्य गिरफ्तार किए गए।
- फर्जी निवेश और शेयर ट्रेडिंग स्कैम: सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप के जरिए निवेश का लालच देकर ₹16 करोड़ की ठगी करने वाला अंतरराज्यीय सिंडिकेट उजागर।
- म्यूल अकाउंट नेटवर्क: देशभर में साइबर फ्रॉड से आए पैसों को निकालने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक अकाउंट सप्लाई रैकेट को भी ध्वस्त किया गया।
जांच व पुलिस कार्रवाई:
अब तक की प्रमुख कार्रवाई:
- डिजिटल ट्रांजैक्शन और बैंक खातों की फॉरेंसिक जांच
- मोबाइल, लैपटॉप और सिम कार्ड जब्त
- म्यूल अकाउंट धारकों की पहचान
- दिल्ली के बाहर लखनऊ, जयपुर सहित कई शहरों में छापेमारी
“ये गिरोह बेहद संगठित हैं और आम लोगों के डर का फायदा उठाते हैं,” — दिल्ली पुलिस अधिकारी
विशेष अभियान — CY-Hawk:
दिल्ली पुलिस ने साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए CY-Hawk जैसे विशेष अभियान तेज कर दिए हैं।
इस अभियान के तहत:
- एक साथ कई राज्यों में छापे
- डिजिटल अरेस्ट, रोमांस स्कैम, निवेश फ्रॉड पर फोकस
- डेटा चोरी और बैंकिंग फ्रॉड मॉड्यूल ध्वस्त
मुख्य बिंदु एक नज़र में:
- ठगी की राशि: ₹2.19 करोड़ + ₹16 करोड़
- अपराध का तरीका: डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश, लॉटरी
- गिरफ्तार आरोपी: 25+
- नेटवर्क: अंतरराज्यीय
- कार्रवाई: IFSO + क्राइम ब्रांच + CY-Hawk
आगे क्या?
पुलिस का दावा:
- और गिरफ्तारियाँ जल्द
- अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच
- म्यूल अकाउंट नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
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