झारखंड के हजारीबाग में स्वास्थ्य मंत्री के दौरे के दौरान पत्रकारों पर कथित हमला हुआ जब उन्होंने मुआवजे में देरी को लेकर सवाल उठाए। घटना शीख भिखारी मेडिकल कॉलेज परिसर में घटी, जिससे राजनीतिक विवाद और प्रेस स्वतंत्रता पर गंभीर बहस छिड़ गई।

झारखंड के हजारीबाग जिले में उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई जब स्वास्थ्य मंत्री के कथित समर्थकों द्वारा पत्रकारों पर हमला किए जाने का मामला सामने आया। यह घटना उस समय हुई जब पत्रकारों ने एक कार्यक्रम के दौरान मुआवजे के वितरण में हो रही देरी को लेकर सवाल उठाए थे। यह सवाल कथित रूप से उन पीड़ित परिवारों से जुड़े थे, जिनमें 2026 की शुरुआत में हुए एक घातक एयर एम्बुलेंस हादसे के प्रभावित लोग भी शामिल थे।

जानकारी के अनुसार, यह घटना शीख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल परिसर में उस समय घटी जब मंत्री का दौरा प्रभावित परिवारों से मुलाकात के लिए निर्धारित था। इसी दौरान पत्रकारों ने प्रशासन से मुआवजे की स्थिति को लेकर सवाल पूछे, जिसके बाद माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि मौके पर मौजूद मंत्री समर्थकों ने पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें शारीरिक रूप से निशाना बनाते हुए कथित तौर पर हमला कर दिया। इस घटना में कुछ पत्रकारों के घायल होने और अव्यवस्था फैलने की भी सूचना है।



इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल वहां मौजूद लोगों को स्तब्ध कर दिया बल्कि इसकी एक वीडियो फुटेज भी सामने आने की बात कही जा रही है, जिसने मामले को और अधिक सुर्खियों में ला दिया। इसी बीच, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का नाम इस घटना से जुड़ने के बाद चर्चा में आ गया है। इरफान अंसारी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और जामताड़ा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे पेशे से चिकित्सक रहे हैं और वर्तमान में झारखंड सरकार में मंत्री के पद पर कार्यरत हैं। राज्य की राजनीति में उनकी सक्रिय और प्रभावशाली उपस्थिति के लिए उन्हें जाना जाता है।

घटना के बाद हजारीबाग प्रेस क्लब ने इस हमले की कड़ी निंदा की और इसे मीडिया की स्वतंत्रता पर गंभीर हमला बताया। वहीं विपक्षी दलों, विशेषकर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने इस मामले पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए सरकार से जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपील की। मामला तेजी से राजनीतिक विवाद में तब्दील हो गया और राज्य सरकार पर कार्रवाई का दबाव बढ़ता दिखाई दिया।

यह घटना पत्रकार सुरक्षा और प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में सवाल पूछने और जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया को लेकर इस प्रकार की घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं, जिससे मीडिया और प्रशासन के बीच विश्वास और पारदर्शिता की आवश्यकता और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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