स्टेशनरी की दुकान या सिक्कों का खजाना? हाथरस में कारोबारी के घर से मिले 50 क्विंटल से ज्यादा 5 और 10 के सिक्के|
हाथरस में प्रशासन ने स्टेशनरी कारोबारी के घर छापा मारकर 106 कट्टों में रखे 50 क्विंटल से अधिक के 10 और 5 रुपये के सिक्के बरामद किए।

कट्टों के अंदर रखे हुए सिक्के प्रशासन द्वारा हाथरस में स्टेशनरी कारोबारी के घर की गई छापेमारी के संदर्भ में दिखाई दे रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले से भारतीय मुद्रा और कालाबाजारी से जुड़ा एक बेहद हैरान करने वाला और बड़ा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक हलकों में भी खलबली मचा दी है। जनपद के सदर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली हनुमान गली में एक स्टेशनरी कारोबारी के यहां प्रशासन और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा अचानक की गई छापेमारी से इलाके में हड़कंप मच गया है। इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों को जो मिला, उसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। कारोबारी के घर और दुकान से भारी मात्रा में 10 और 5 रुपये के सिक्के बरामद किए गए हैं, जिनका वजन सुनकर हर कोई अछंभे में है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई शनिवार शाम को अंजाम दी गई। सदर एसडीएम राजबहादुर और नायब तहसीलदार शिवकुमार शर्मा ने पुलिस बल के साथ मिलकर हनुमान गली निवासी स्टेशनरी कारोबारी रवि कुमार पुत्र अनूप कुमार के आवास और प्रतिष्ठान पर औचक छापेमारी की। जब प्रशासनिक टीम ने घर के अंदर प्रवेश किया तो वहां रखे बोरों और कट्टों को देखकर उनके होश उड़ गए। कारोबारी के घर और दुकान से कुल 106 कट्टे बरामद किए गए, जिनमें 10 और 5 रुपये के सिक्के भरे हुए थे। इन सभी कट्टों का कुल वजन 50 क्विंटल से भी अधिक आंका गया है।
प्रशासनिक टीम द्वारा की गई शुरुआती जांच-पड़ताल और तुलाई के दौरान यह बात सामने आई कि घर से बरामद किए गए ज्यादातर कट्टे करीब 60 किलोग्राम वजन के थे, जबकि दुकान से मिले कट्टे 50 से 20 किलोग्राम तक के वजन के थे। इन भारी-भरकम सिक्कों को उठाने के लिए विशेष रूप से टेंपो का सहारा लेना पड़ा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी इन सभी 106 कट्टों को टेंपो में लादकर अपने साथ सुरक्षित स्थान पर ले गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इन बरामद सिक्कों की कुल अनुमानित कीमत 20 लाख रुपये से अधिक हो सकती है, हालांकि सिक्कों की वास्तविक गिनती और वजन के अंतिम आंकड़ों के बाद ही इसकी सटीक कीमत का आधिकारिक खुलासा हो पाएगा।
कार्रवाई के दौरान पुलिस और प्रशासनिक टीम ने मौके से एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया है, जिससे पूछताछ की जा रही है। वहीं, मुख्य आरोपी स्टेशनरी कारोबारी रवि कुमार प्रशासनिक टीम के आने की भनक लगते ही मौके से फरार होने में कामयाब हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है और उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इतनी भारी मात्रा में 10 और 5 रुपये के सिक्कों को एक स्टेशनरी कारोबारी ने किस मकसद से और क्यों इकट्ठा करके अपने घर और दुकान में छिपा रखा था।
फिलहाल, नायब तहसीलदार हाथरस शिवकुमार शर्मा और स्थानीय प्रशासन इस पूरे मामले की अत्यंत गहनता से जांच कर रहा है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इसके पीछे किसी प्रकार की मुद्रा कालाबाजारी या अन्य कोई अवैध रैकेट तो जुड़ा हुआ नहीं है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद इस पूरे मामले में संलिप्त अन्य लोगों के खिलाफ भी कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस अनोखी और बड़ी बरामदगी ने पूरे हाथरस जिले में चर्चा का विषय बना दिया है और हर कोई इस बात को लेकर हैरान है कि कोई शख्स सिक्कों का इतना बड़ा जखीरा कैसे और क्यों अपने पास जमा कर सकता है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
