लॉरेंस बिश्नोई का वो 'राइट हैंड' जिसने बदल दिया फिरौती का तरीका; आखिर क्यों सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बना हैरी बॉक्सर?
अमेरिका में बैठकर भारत में फिरौती का सिंडिकेट चलाने वाले हैरी बॉक्सर के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी, खरगोन फायरिंग केस में हुआ बड़ा खुलासा।

अपराध की दुनिया में लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ जैसे नामों के खौफ के बीच अब एक नया चेहरा सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बन गया है। जिसे दुनिया 'हैरी बॉक्सर' के नाम से जानती है, वह राजस्थान के कोटपूतली का सीधा-सादा दिखने वाला हरिचंद जाट था। पिछले कुछ समय में फिल्म अभिनेताओं से लेकर बड़े कारोबारियों तक को धमकी देने और फिरौती के लिए फायरिंग करवाने के पीछे इसी नाम की गूंज सुनाई दे रही है। अमेरिका की सुरक्षित पनाहगाह में बैठकर भारत में दहशत का साम्राज्य चलाने वाला यह गैंगस्टर अब इंटरपोल और भारतीय जांच एजेंसियों के रडार पर है।
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में हाल ही में सामने आए एक हाई-प्रोफाइल आपराधिक मामले ने हैरी बॉक्सर की सक्रियता की कलई खोलकर रख दी है। खरगोन के भीलगांव में एक बायो कॉटन व्यवसायी दिलीप सिंह राठौर के घर पर हुई अंधाधुंध फायरिंग और दस करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने जब कड़ियां जोड़ीं, तो तार सीधे अमेरिका में बैठे हैरी बॉक्सर से जाकर मिले। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हैरी बॉक्सर इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड है जो सात समंदर पार से मध्य प्रदेश के स्थानीय शूटरों को नियंत्रित कर रहा था।
हरिचंद जाट के 'हैरी बॉक्सर' बनने की कहानी भी काफी दिलचस्प है। राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र का निवासी हरिचंद कभी जयपुर के बॉक्सिंग रिंग में पसीना बहाता था। बॉक्सिंग के इसी हुनर ने उसे 'बॉक्सर' उपनाम दिया, लेकिन अनुशासन के खेल को छोड़कर उसने जरायम की दुनिया को चुन लिया। वर्ष 2024 में वह अवैध तरीके से सीमा पार कर अमेरिका पहुंच गया। वहां जाकर उसने बिश्नोई गैंग के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के साथ हाथ मिला लिया और जल्द ही अनमोल बिश्नोई का सबसे भरोसेमंद सहयोगी बन गया। आज वह गैंग के अंतरराष्ट्रीय समन्वय और जबरन वसूली के सिंडिकेट का अहम हिस्सा बन चुका है।
हैरी बॉक्सर का नाम केवल मध्य प्रदेश तक ही सीमित नहीं है, बल्कि मायानगरी मुंबई में भी उसका खासा खौफ है। कॉमेडियन कपिल वर्मा से लेकर अभिनेता रणवीर सिंह और मशहूर निर्देशक रोहित शेट्टी को धमकाने के मामलों में भी हैरी बॉक्सर का नाम प्रमुखता से उछला था। उसकी इन्ही गतिविधियों को देखते हुए मुंबई पुलिस ने उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया हुआ है। वह भारत में सीधे तौर पर मौजूद न होकर डिजिटल माध्यमों का सहारा लेकर अपराध को अंजाम देता है, जिससे उसे पकड़ना और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
खरगोन के पुलिस अधीक्षक रवींद्र वर्मा के अनुसार, हैरी बॉक्सर की कार्यप्रणाली बेहद शातिर है। वह मध्य प्रदेश में राजपाल सिंह चन्द्रावत जैसे गुर्गों को 'टारगेट' देता है। राजपाल स्थानीय स्तर पर नए शूटरों को काम पर रखता है और वारदात को अंजाम दिलवाता है। वारदात के बाद फायरिंग का वीडियो बनाकर हैरी को भेजा जाता है, जिसे वह सोशल मीडिया पर वायरल कर पीड़ित के मन में डर पैदा करता है और फिरौती वसूलता है। पुलिस ने अब तक राजपाल समेत 16 आरोपियों को दबोच लिया है, लेकिन हैरी बॉक्सर की गिरफ्तारी अब भी एक बड़ी चुनौती है।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि यह गैंग संचार के लिए केवल 'सिग्नल' जैसे एन्क्रिप्टेड ऐप का उपयोग करता है। गैंग के हाई-लेवल ऑपरेटिव्स अपनी लोकेशन छिपाने के लिए तकनीकी माहिरों की मदद लेते हैं। वहीं, शूटरों और रेकी करने वालों को भुगतान करने के लिए कियोस्क सेंटरों का उपयोग किया जाता है ताकि बैंकिंग ट्रेल से बचा जा सके। फिलहाल, केंद्रीय एजेंसियां और राज्य पुलिस मिलकर इस गैंग के वित्तीय स्रोतों और स्थानीय नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी हैं। हैरी बॉक्सर पर बढ़ती कानूनी सख्ती इस बात का संकेत है कि विदेशी धरती भी अब इन गैंगस्टरों के लिए ज्यादा समय तक सुरक्षित नहीं रहने वाली है।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
