ग्वालियर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो जाली नोटों के नाम पर मासूम लोगों की जमापूंजी पर डाका डाल रहा था। पुलिस की गिरफ्त में आए इस गिरोह ने 'चूरन वाले नोट' यानी चिल्ड्रन बैंक ऑफ इंडिया के नोटों को हथियार बनाकर ठगी का एक नया और खतरनाक जाल बुना था। यह गिरोह लालच की ऐसी चादर बिछाता था जिसमें फंसकर लोग रातों-रात अमीर होने के सपने देखने लगते और अंत में अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठते। महाराजपुरा थाना पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जो डेयरी व्यवसायी को लाखों की खेप थमाने आया था।

पकड़े गए आरोपी की पहचान आजाद अली के रूप में हुई है, जिसकी कार्यप्रणाली किसी मंझे हुए अपराधी से कम नहीं थी। महाराजपुरा थाना प्रभारी यशवंत गोयल के अनुसार, आजाद अली लोगों को एक रुपये के बदले दस रुपये देने का झांसा देता था। वह खुद को जाली नोटों का एक बड़ा सिंडिकेट चलाने वाला कारोबारी बताता और दावा करता था कि उसके बनाए नोट इतने असली हैं कि उन्हें पहचानना नामुमकिन है। गिरोह का विश्वास जीतने का तरीका भी बेहद शातिर था। वे शुरुआत में शिकार को 500, 200 और 100 रुपये के असली नोट देते थे और कहते थे कि ये उनके द्वारा छापे गए जाली नोट हैं। जब पीड़ित उन नोटों को बाजार में आसानी से चला लेता, तो उसे गिरोह की बातों पर अटूट विश्वास हो जाता था।

इस ठगी का ताजा शिकार दतिया का एक डेयरी व्यवसायी सोनू पाल बना। आरोपी आजाद अली ने उससे व्हाट्सएप कॉल के जरिए संपर्क साधा और मुनाफे का लालच देकर उसे अपने जाल में फंसा लिया। भरोसे के लिए उसने व्यवसायी को कुछ असली नोट दिए, जो बाजार में चल गए। इसके बाद दोनों के बीच तीन लाख रुपये के असली नोटों के बदले तीस लाख रुपये के 'जाली' नोट देने की डील तय हुई। व्यवसायी ने आरोपी को चालीस हजार रुपये एडवांस के तौर पर भी दे दिए थे। हालांकि, जब व्यवसायी को शक हुआ कि जो नोट उसे पहले मिले थे वे वास्तव में असली ही थे, तो उसने सूझबूझ दिखाते हुए महाराजपुरा पुलिस को इसकी सूचना दे दी।

पुलिस ने सूचना मिलते ही एक रणनीतिक जाल बिछाया। जैसे ही आजाद अली एक बैग लेकर दीनदयाल नगर के टाइगर चौक पर डिलीवरी देने पहुंचा, पहले से तैयार पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया। जब उसके बैग की गहन तलाशी ली गई, तो पुलिस के भी होश उड़ गए। बैग के भीतर 500, 200 और 100 रुपये के नोटों की कुल 20 गड्डियां बरामद हुईं। इन गड्डियों की बनावट ऐसी थी कि ऊपर की ओर एक असली नोट लगा था, जबकि उसके नीचे रखे सभी नोट चिल्ड्रन बैंक यानी बच्चों के खेलने वाले 'चूरन नोट' थे।

पुलिस द्वारा की गई् जब्ती में 500 रुपये की 13 गड्डियां, 200 रुपये की 5 गड्डियां और 100 रुपये की 2 गड्डियां शामिल हैं। महाराजपुरा पुलिस अब इस गिरोह के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है और फरार चल रहे अन्य साथियों की तलाश के लिए दबिश दे रही है। यह घटना समाज के लिए एक कड़ी चेतावनी है कि रातों-रात धनवान बनने के प्रलोभन में आना कितना घातक हो सकता है। पुलिस की इस तत्परता ने न केवल एक बड़े अपराध का खुलासा किया, बल्कि भविष्य में होने वाली कई संभावित ठगी की वारदातों को भी रोक दिया है।

Lalita Rajput

Lalita Rajput

इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।

Next Story