गुवाहाटी: स्टोरेज बॉक्स में छिपाई गई थी 13 साल की बच्ची, पुलिस ने खोला बाल उत्पीड़न का सबसे खौफनाक चेहरा
गुवाहाटी के पंजाबारी में छापेमारी के दौरान 13 वर्षीय बच्ची को बेड के स्टोरेज बॉक्स से बचाया गया। बाल श्रम और उत्पीड़न के मामले में केस दर्ज।

गुवाहाटी उत्पीड़न कांड
क्या हुआ?
गुवाहाटी के पंजाबारी इलाके में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया, जहां 13 वर्षीय बच्ची को बेड के स्टोरेज बॉक्स से बरामद किया गया। यह कार्रवाई 1 फरवरी 2026 को एक आधिकारिक छापेमारी के दौरान की गई। छापेमारी के दौरान जब अधिकारी घर की तलाशी ले रहे थे, तब बच्ची को बेड के अंदर बने स्टोरेज कंपार्टमेंट में छिपा हुआ पाया गया। आरोप है कि घर के मालिक ने अधिकारियों से बचाने के लिए बच्ची को वहां छुपाया था।
पुलिस के शुरुआती इनपुट:
- बच्ची को बेड के बंद स्टोरेज बॉक्स से निकाला गया
- छापेमारी के समय वह बेहद कमजोर हालत में थी
- बाहर निकालते ही बच्ची को पानी दिया गया
- आरोपी पक्ष बच्ची को अधिकारियों से छिपाने की कोशिश कर रहा था
घटना की सूचना:
स्थानीय निवासियों ने इलाके में नाबालिग से घरेलू काम करवाए जाने और शारीरिक उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज कराई थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर डिस्ट्रिक्ट लेबर टास्क फोर्स ने पुलिस और असम सेंटर फॉर रूरल डेवलपमेंट (ACRD) के साथ संयुक्त कार्रवाई की।
पीड़िता की स्थिति व पृष्ठभूमि:
पुलिस के अनुसार, बच्ची:
- उम्र: 13 वर्ष
- काम: घरेलू सहायिका
- अवधि: लगभग 6 साल से उसी घर में काम
- स्थिति: कुपोषण और शारीरिक कमजोरी के लक्षण
जांच व प्रशासनिक कार्रवाई:
छापेमारी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में की गई। मामले में पुलिस और श्रम विभाग ने संयुक्त रूप से कार्रवाई शुरू कर दी है।
अब तक की कार्रवाई:
- बच्ची को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया
- बाल संरक्षण कानून के तहत केस दर्ज
- बाल श्रम निषेध कानून की धाराएं जोड़ी गईं
- विस्तृत जांच और जिम्मेदारों की पहचान जारी
कानूनी पहलू:
दर्ज धाराएं:
- बाल संरक्षण कानून
- बाल श्रम (निषेध और विनियमन) अधिनियम
आगे की प्रक्रिया:
- मेडिकल जांच रिपोर्ट
- बच्ची का काउंसलिंग और पुनर्वास
- आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई
मुख्य बिंदु एक नज़र में:
- पीड़िता: 13 वर्षीय बच्ची
- स्थान: पंजाबारी, गुवाहाटी (असम)
- बरामदगी: बेड स्टोरेज बॉक्स से
- अवधि: 6 साल से घरेलू काम
- कार्रवाई: 1 फरवरी 2026
- केस: बाल संरक्षण व बाल श्रम कानून
आगे क्या:
प्रशासन का दावा:
- आरोपियों की जवाबदेही तय की जाएगी
- बच्ची के पुनर्वास पर फोकस
- जांच पूरी होने पर गिरफ्तारी संभव
खबर से जुड़े हर नए अपडेट के साथ रिपोर्ट को अपडेट किया जाएगा।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
