ग्रेटर नॉएडा: कांस्टेबल अनवर के घर 40 दिन तक प्रताड़ित होती रही 10 साल की बच्ची, मुख्या आरोपी समेत पत्नी भी गिरफ्तार
ग्रेटर नोएडा में CRPF कांस्टेबल और पत्नी पर 10 साल की बच्ची को पीटने और भूखा रखने का आरोप। बच्ची वेंटिलेटर पर, आरोपी गिरफ्तार।

आरोपी तारिक अनवर
क्या हुआ?
ग्रेटर नोएडा में एक 10 वर्षीय बच्ची गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। आरोप है कि CRPF के एक कांस्टेबल और उसकी पत्नी ने बच्ची को लगातार पीटा, भूखा रखा और यातनाएं दीं। बच्ची इस समय वेंटिलेटर सपोर्ट पर है।
पुलिस के शुरुआती इनपुट:
चिकित्सकीय जांच में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई:
- हीमोग्लोबिन स्तर सिर्फ 1.9 g/dL
- पसलियों में फ्रैक्चर, सिर और सीने पर गहरे घाव
- लंबे समय से भूखा रखे जाने के संकेत
- शरीर पर पुराने और नए जख्मों के निशान
पीड़िता की पृष्ठभूमि:
पुलिस जांच में सामने आया:
- उम्र: 10 वर्ष
- राज्य: पश्चिम बंगाल
- स्थिति: छह भाई-बहनों में सबसे बड़ी
करीब 40 दिन पहले बच्ची को ग्रेटर नोएडा लाया गया था और CRPF कांस्टेबल के घर घरेलू काम के लिए रखा गया था। बच्ची के पिता ने परिवार को छोड़ दिया है, जबकि मां मानसिक रूप से अस्वस्थ बताई जा रही है।
आरोपी कौन हैं?
पुलिस ने आरोपियों की पहचान इस रूप में की है:
- नाम: तारिक अनवर
- पद: CRPF कांस्टेबल
- सह-आरोपी: पत्नी रिम्पा खातून
पुलिस के अनुसार बच्ची को घरेलू नौकर की तरह रखा गया और काम को लेकर हुए विवाद के बाद उसे बेरहमी से पीटा गया, जिससे वह बेहोश हो गई।
जांच व पुलिस कार्रवाई:
स्थानीय पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
अब तक की कार्रवाई:
- पति-पत्नी दोनों हिरासत में
- कांस्टेबल को CRPF द्वारा निलंबित किया गया
- विभागीय जांच शुरू
दर्ज धाराएं (BNS):
- Attempt to Murder (हत्या का प्रयास)
- Child Cruelty / Culpable Homicide
यह मामला क्यों अहम है?
यह घटना कई गंभीर मुद्दों को उजागर करती है:
- बाल श्रम और घरेलू काम में बच्चों का शोषण
- कमजोर परिवारों के लिए सुरक्षा तंत्र की विफलता
- सरकारी/अर्ध-सरकारी आवासों में निगरानी की कमी
- वर्दी में बैठे लोगों की जवाबदेही पर सवाल
मुख्य बिंदु एक नज़र में:
- पीड़िता: 10 वर्षीय बच्ची (पश्चिम बंगाल)
- स्थान: ग्रेटर नोएडा
- स्थिति: वेंटिलेटर पर, हालत गंभीर
- आरोपी: CRPF कांस्टेबल तारिक अनवर व पत्नी
- आरोप: मारपीट, भूखा रखना, हत्या का प्रयास
- कार्रवाई: गिरफ्तारी + निलंबन + CWC हस्तक्षेप
आगे क्या?
पुलिस का दावा:
- मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर चार्जशीट मजबूत होगी
- बाल अधिकार आयोग की निगरानी
- पुनर्वास और दीर्घकालिक संरक्षण पर निर्णय
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी
- चार्जशीट
- कोर्ट कार्यवाही
- बच्ची की सेहत से जुड़ा अपडेट
खबर को अपडेट किया जाएगा।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
