सूर्या मर्डर केस में गाजियाबाद पुलिस का 'इंसाफ', भागते हत्यारे असद का एनकाउंटर में खात्मा
खोड़ा इलाके में बकरीद के दिन हुई हत्या के बाद से फरार चल रहे आरोपी ने पुलिस पर की थी फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में हुई मौत।

गाजियाबाद के खोड़ा थाना क्षेत्र में हुए सूर्या चौहान (बाएं) हत्याकांड का मुख्य आरोपी असद (दाएं), जिसे पुलिस ने एक संयुक्त पुलिस मुठभेड़ के दौरान मार गिराया।
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से इस वक्त की सबसे बड़ी कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबर सामने आ रही है। खोड़ा थाना क्षेत्र में हाल ही में हुए सनसनीखेज सूर्या चौहान हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद को पुलिस ने एक मुठभेड़ के दौरान मार गिराया है। बकरीद के पावन पर्व पर दिनदहाड़े अंजाम दी गई इस निर्मम हत्या के बाद से ही पुलिस प्रशासन पर आरोपियों की गिरफ्तारी का भारी दबाव था। पुलिस की स्वात (SWAT) टीम और स्थानीय खोड़ा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान आरोपी ने भागने का प्रयास किया और पुलिस बल पर फायरिंग कर दी, जिसके बाद आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में वह गंभीर रूप से घायल हो गया और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई।
घटनाक्रम के अनुसार, गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में रहने वाले सूर्या चौहान की बकरीद के दिन सरेराह गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया था और स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश देखा जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए गाजियाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए कई टीमें गठित की थीं। तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस लगातार संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दे रही थी। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि मुख्य आरोपी असद इलाके से भागने की फिराक में किसी छिपे हुए ठिकाने से निकलने वाला है।
पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस आयुक्त के निर्देशानुसार, स्वात टीम और खोड़ा थाने की पुलिस ने संयुक्त रूप से जाल बिछाया। देर रात जब पुलिस ने एक संदिग्ध बाइक सवार को रोकने का प्रयास किया, तो उसने रुकने के बजाय अपनी मोटरसाइकिल की रफ्तार बढ़ा दी। पुलिस टीम द्वारा पीछा किए जाने पर आरोपी ने खुद को घिरा देख अपनी अवैध पिस्टल से पुलिसकर्मियों पर सीधी फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस टीम ने सूझबूझ का परिचय देते हुए पहले उसे आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन आरोपी की ओर से लगातार गोलियां चलती रहीं। इस मुठभेड़ में पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी असद को गोलियां लगीं और वह वहीं गिर पड़ा।
मुठभेड़ के तुरंत बाद पुलिस बल ने घायल आरोपी को कब्जे में लिया और तत्काल इलाज के लिए नजदीकी जिला अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल, एक अवैध तमंचा और कई जिंदा व खोखा कारतूस बरामद किए गए हैं। इस मुठभेड़ के दौरान पुलिस के भी कुछ जवानों को मामूली चोटें आई हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया है।
इस पूरी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई पर गाजियाबाद के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए बताया कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। सूर्या चौहान हत्याकांड एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा था, जिसने क्षेत्र की शांति व्यवस्था को चुनौती दी थी। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से अपराधियों में कड़ा संदेश गया है। मृतक आरोपी असद का पुराना आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है और इस हत्याकांड में शामिल अन्य सह-आरोपियों की तलाश में छापेमारी अभी भी जारी है।
इस एनकाउंटर के बाद खोड़ा और आसपास के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि शांति और कानून-व्यवस्था बनी रहे। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया है। सूर्या चौहान के परिजनों ने भी इस कार्रवाई के बाद न्याय की उम्मीद जताई है। उत्तर प्रदेश पुलिस की यह कार्रवाई राज्य सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत अपराधियों के खिलाफ जारी अभियान का एक हिस्सा है, जिसने एक बार फिर यह साबित किया है कि कानून के हाथ अपराधियों से लंबे हैं।

Lalita Rajput
इन्हें लेखन क्षेत्र में लगभग 5 वर्षों का अनुभव है। इस दौरान इन्होंने फाइनेंस, कैलेंडर और बिज़नेस न्यूज़ को गहराई से कवर किया है। इनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि वित्त से जुड़ी है—इन्होंने एमबीए (फाइनेंस) किया है और वर्तमान में फाइनेंस में पीएचडी कर रही हैं। जनवरी 2026 से ये दै. प्रातःकाल में कार्यरत हैं, जहाँ बिज़नेस, फाइनेंस, मौसम और भारतीय सीमाओं से जुड़े समाचार सरल, सटीक और व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करती हैं।
